Gyanvapi Survey: ज्ञानवापी मस्जिद का मामला आज का नहीं है। लंबे समय से गर्माया ये मामला सबकी निगाहों पर चढ़ा हुआ है। जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश द्वारा 21 जुलाई को एएसआई को ज्ञानवापी परिसर के सर्वे के आदेश दिए थे, जिसकी रिपोर्ट भी जल्द से जल्द जमा करने के लिए कहा गया था।
24 जुलाई को सर्वे शुरू कर एएसआई द्वारा सर्वे की शुरुआत की गई थी। लेकिन फिर इसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोका गया और इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने के आदेश दिए। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बाद अगस्त में फिर से सर्वे का काम शुरू हुआ। 3 महीने तक चले इस सर्वे की रिपोर्ट आज वाराणसी कोर्ट में जमा की जानी थी। लेकिन एक बार फिर एएसआई द्वारा सर्वे की रिपोर्ट सबमिट करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा गया है।
बता दें कि इससे पहल एएसआई द्वारा 18 नवंबर को 15 दिन का अतिरिक्त समय मांगा गया था, लेकिन कोर्ट की तरफ से केवल 10 दिन का समय दिया गया था। 10 दिन के अतिरिक्त समय की डेडलाइन आज की है, लेकिन एएसआई द्वारा एक बार फिर अतिरिक्त समय की मांग की जा रही है। सर्वे की रिपोर्ट के जमा होने के बाद ये पता लग पाएगा की आखिर ज्ञानवापी परिसर में है क्या?
तीन सप्ताह का मांगा अतिरिक्त समय
जानकारी के अनुसार, एएसआई द्वारा ज्ञानवापी सर्वे की रिपोर्ट जमा करने के लिए कुछ और समय की मोहलत मांगी जा रही है। इस बार मोहलत का समय 15 दिन का नहीं बल्कि 3 सप्ताह का है।
एक महीने पहले खत्म हुए सर्वे की रिपोर्ट को सबमिट करने के लिए कई बार अतिरिक्त समय मांगा जा चुका है। 24 जुलाई को सर्वे के दौरान अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमेटी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में अर्जी डाली गई थी, जिसके बाद सर्वे के इस काम पर रोक लगा दी गई थी। मामले पर हुई चर्चा के बाद सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट द्वारा सर्वे की अनुमति दी गई, जिसके बाद सर्वे के काम फिर से शुरू किया गया। बता दें कि सर्वे का काम 4 अगस्त को शुरू किया गया था।
29 नवंबर को होगी सुनवाई
सर्वे टीम की तरफ से तीन सप्ताह का अतिरिक्त समय मांग गया है। वैसे तो सुनवाई 28 नवंबर को होनी थी, लेकिन एक अधिवक्ता के निधन के कारण सुनवाई की तिथि को आगे बढ़ा कर 29 किया गया है। इस सुनवाई में तय किया जाएगा कि एएसआई को अतिरिक्त समय मिलेगा या नहीं।
