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Rampur wood Market: दुनिया के सबसे बड़े चाकू वाला ये शहर, लकड़ी मंडी के लिए भी है मशहूर

मुरादाबाद मंडल के रामपुर का नाम तो आप सबने सुना होगा। यहां का नाम सुनते हैं मन में रामपुर की चाकू का ख्याल आ जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सिर्फ चाकू के लिए ही नहीं, बल्कि सबसे बड़ी लकड़ी मंडी के नाम से भी जाना जाता है। आइए आज रामपुर की लकड़ी मंडी की खासियत जानते हैं।

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रामपुर लकड़ी मंडी

Photo : iStock

रामपुर शहर को अब एक नई पहचान मिल रही है। जी हां, रामपुर उत्तर प्रदेश में लकड़ी की सबसे बड़ी मंडी है। इस मंडी से यहां दस हजार लोगों को रोजगार मिल रहा है। आपको बता दें कि पहले यहां कई बड़ी-बड़ी फैक्ट्रिज थी, जो किसी न किसी वजह से बंद होती चली गई और हजारों लोगों की रोजी-रोटी भी बंद हो गई। कहा जाता है कि पहले यहां गन्ने की पैदावार होती थी, लेकिन किसानों को गन्ने का मुगतान समय पर नहीं मिल पाने के बाद, किसानों ने यहां अपने खेतों में यूकेलिप्टिस के पौधे उगाने शुरू कर दिए और इस तरह इस शहर ने लकड़ी का कारोबार शुरू किया।

रामपुर में साल 2009 से 2012 के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने मशीनों और प्लाइवुड के लाइसेंस जारी किए और इस तरह रामपुर में लकड़ी का कारोबार तेजी से चल पड़। आज रामपुर उत्तर प्रदेश में लकड़ी मंडी के नाम से पॉपुलर है। नैनीताल रोड पर बिलासपुर और दिल्ली लखनऊ हाईवे के पास लकड़ी की मंडी लगती है, यहां लोग लकड़ी बेचते और खरीदते हैं। यहां दूसरे जिलों से भी लोग लकड़ी से भरी ट्रैक्टर, ट्रॉली और ट्रक लेकर आते हैं।

सालाना इतने का होता कारोबार

रामपुर के एक प्लाइवुड फैक्ट्री में 200 से 250 लोग काम करते हैं। वहीं विनियर मशीन पर 50 से 60 लोग और आरा मशीन पर आठ से 10 लोग काम करते हैं। इनके अलावा लकड़ी खरीदने और बेचने में भी सैकड़ों लोग लगे हैं। उनकी भी विनियर मशीन हैं और करीब दो करोड़ का सालाना कारोबार होता है।

इन शहरों से लकड़ी बेचने आते हैं लोग

यहां की फैक्ट्री में 6mm से 18mm तक के प्लाई बोर्ड तैयार किए जाते हैं, जिसकी सप्लाई कोलकाता से लेकर बेंगलुरु, सूरत, चेन्नई तक में की जाती है। रामपुर में पीलीभीत, बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, सितारगंज, गजरौला के लोग भी लकड़ी बेचने के लिए आते हैं।

Maahi Yashodhar
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माही यशोधर Timesnowhindi.com में न्यूज डेस्क पर काम करती हैं। यहां वह फीचर, इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स न्यूज कवर करती हैं। इसके अलावा वह डेवलपमेंट की खबरों पर भी नजर रखती हैं। वह सड़क, रेल और इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा क्राइम और पर्यावरण से जुड़ी खबरें भी लिखती हैं। राजनीति में खास रुचि होने के कारण वह राजनेताओं और राजनीति से जुड़ी खबरें ब्रेक करते हैं। इससे पहले माही ने देश के नामी मीडिया संस्थानों एनडी टीवी और न्यूज18 में काम किया है। माही यशोधर ने पत्रकारिता में डिग्री ली है। उन्होंने अपने पत्रकारिता सफर की शुरुआत देश के नामी संस्थान टाइम्स से की थी, जहां उन्होंने एंटरटेनमेंट डेस्क पर रहते हुए खबरों को धार दी। इसके बाद वह डिजिटल पत्रकारिता में आगे बढ़ती रहीं। पूर्व में माही यशोधर ने एंटरटेनमेंट, हेल्थ, एजुकेशन, एस्ट्रो, वायरल और लाइफस्टाइल की खबरों पर काम किया है। माही हर छोटी-बड़ी खबर को जल्द से जल्द अपने पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। माही अपने पाठकों की नब्ज अच्छे से समझती हैं। उन्हें खबरों की अच्छी समझ है और उनकी भाषा ऐसी है कि कम शब्दों में भी पाठक को पूरी खबर समझा देती हैं।

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