Kannauj: उत्तर प्रदेश के शहरों की बात निराली है। यहां का हर शहर किसी न किसी चीज के लिए फेमस है। यहां के सभी शहरों की कोई न कोई खासियत है। जो उसे अलग पहचान दिलाते हैं। उन्हीं शहरों में से एक शहर है कन्नौज। जब भी इत्र का जिक्र होता है, जो कन्नौज का नाम जरूर आता है। कन्नौज का इत्र लगभग 5000 साल पुराना है। कन्नौज में इत्र की शुरुआत गुलाब के फूलों से हुई। आपको बता दें कि इत्र की दुनिया में गुलाब सबसे खास माना जाता है। इससे बनने वाली इत्र की खुशबू शानदार होती है। लेकिन, सभी गुलाब के फूलों से इत्र नहीं बनाए जाते हैं। गुलाब के फूलों से इत्र बनाने के लिए ज्यादा खुशबू वाले गुलाबों की जरूरत होती है।
कई तरह के बनते हैं इत्र
वैसे इत्र कई तरह के फूलों से तैयार किया जाता है, जिनकी अलग-अलग खुशबू लोगों को खूब पसंद आते हैं। लेकिन, गुलाबों में कुछ फूल ऐसे होते हैं, जिनसे इत्र बनाए जाते हैं। कन्नौज में बनने वाले गुलाब के इत्र को चीनी गुलाब से तैयार किया जाता है। इस गुलाब में खुशबू की मात्रा थोड़ी कम होती है, लेकिन इसे लोग खूब पसंद करते हैं। इसे बनाने के लिए गुलाब जल और गुलकंद का इस्तेमाल किया जाता है। आपको बता दे कि कन्नौज शहर में गुलाब जल और गुलकंद बड़ा व्यापार है।
बढ़िया क्वालिटी के इत्र के लिए मशहूर
गुलाब जल और गुलकंद बनाने से बनने वाले इत्र कमाल के होते हैं। इसमें खुशबू थोड़ी कम होती है, जिस कारण से इसका इत्र कम बन पाता है। यहां हसायन के दमस गुलाब में बहुत ज्यादा खुशबू होती है। इसे बढ़िया क्वालिटी का इत्र और उसकी रूह से तैयार किया जाता है। इन इत्रों की कीमत भी अलग होती है। इनके जहां एक 100 रुपए किलो मिलता है तो दूसरा आपको 500 रुपए किलो में मिलता है। जिसके बाद इनसे गुलाब के इत्र बनाए जाते हैं।
दुनियाभर में डिमांड
कन्नौज के फेमस इत्र बनाने के लिए हाथरस के हसायन के गुलाब की ज्यादा डिमांड रहती है। इस गुलाब को दमन कहा जाता है। इसकी खुशबू दूसरे गुलाबों से बहुत ज्यादा होती है। जिसे कन्नौज में इत्र और उसकी रूह बनाने का काम किया जाता है। इनसे बनाए जाने वाले इत्र दुनियाभर में पसंद किए जाते हैं। इनकी खुशबू के कारण लोगों में इनकी खूब डिमांड रहती है।
