उत्तर प्रदेश में आज का मौसम (11 Jan 2026): उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण ठंड और घने कोहरे के बीच अब मौसम में धीरे-धीरे बदलाव के संकेत दिखाई देने लगे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तरी पाकिस्तान और उससे जुड़े पंजाब क्षेत्र में मध्य क्षोभमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ तथा हरियाणा के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के असर से प्रदेश के मौसम पर प्रभाव पड़ रहा है।
इस मौसमी गतिविधि के चलते आज 11 जनवरी से कोहरे की तीव्रता में कमी आने और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की संभावना है, जिससे ठंड से कुछ राहत मिल सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वायुमंडल में बढ़ी अस्थिरता के कारण कोहरे की परत अपेक्षाकृत जल्दी छंट गई, इसके बाद धूप निकलने और हवाओं की दिशा में बदलाव से दिन के तापमान में साफ तौर पर इजाफा दर्ज किया गया। इसी वजह से प्रदेश के अधिकतर जिलों में शीत दिवस जैसी स्थिति अब लगभग खत्म होने की उम्मीद है।
क्या है IMD का वेदर अपडेट?
हालांकि, मौसम विभाग की लेटेस्ट वेदर रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में सुबह के समय घना कोहरा देखने को मिल सकता है, जो 17 जनवरी तक राज्य के कुछ इलाकों में बना रह सकता है। फिलहाल प्रदेश के लिए ठंड के दिन या शीतलहर को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। वहीं, अगले सात दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।
आज यूपी में मौसम का हाल
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज यानी 11 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के बावजूद प्रदेश में मौसम अधिकतर शुष्क रहने की संभावना है। बारिश या ओलावृष्टि की कोई बड़ी आशंका नहीं जताई गई है। शुष्क मौसम के कारण कोहरे की तीव्रता में लगातार कमी आने की उम्मीद है और सुबह के समय घना कोहरा अब केवल कुछ ही इलाकों तक सीमित रह सकता है।
लखनऊ के तापमान का पूर्वानुमान
| दिन | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान |
| रविवार | 24° | 12° |
| सोमवार | 22° | 10° |
| मंगलवार | 22° | 10° |
| बुधवार | 22° | 9° |
पश्चिमी यूपी में दर्ज हुई हल्की बारिश
पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में शनिवार सुबह हल्की बारिश और कहीं-कहीं बूंदाबांदी देखी गई। हालांकि यह बारिश बहुत सीमित इलाकों तक ही रही और किसी भी स्थान से तेज बारिश की खबर नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, इस हल्की बरसात से वातावरण में नमी बढ़ी है और तापमान में संतुलन बना है, जिससे कड़ाके की ठंड का प्रभाव कुछ कम हुआ है।
