सीतापुर: प्रदेश में बीजेपी सरकार बनने के बाद शहरों, गांवों और रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक और गांव का नाम बदल दिया। इस बार सरकार ने सीतापुर जिले के गांव अमानुल्लापुर का नाम बदलकर जमुना नगर रख दिया। अपर मुख्य सचिव राजस्व सुधीर कुमार गर्ग के आदेश पर सीतापुर के डीएम ने ये अधिसूचना जारी की।
अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के बाद बदला नाम
दरअसल, सीतापुर जिले के गांव अमानुल्लापुर समेत केंद्र सरकार ने एक रेलवे स्टेशन और राजस्थान के तीन गांवों के नामों को बदलने के संबंध में अगस्त माह में मंजूरी दी थी। केंद्र सरकार की ओर से राजस्थान के उदयपुर जिले की कनोड तहसील में स्थित खिमवातों का खेड़ा का नाम बदलकर खिमसिंहजी का खेड़ा, जोधपुर जिले की फलोदी तहसील में बेंगती कला का नाम बदलकर बेंगती हरबुजी और जालौर जिले की सायला तहसील में भुंडवा का नाम बदलकर भांडवपुरा करने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) दी जा चुकी है। इसके अलावा यूपी के सीतापुर जिले में स्थित अमानुल्लापुर का नाम बदलकर जमुना नगर करने के लिए भी एनओसी दी गई थी। इसके अलावा गृह मंत्रालय ने ओडिशा के खोरधा मंडल में हरिदासपुर-पारादीप में रत्नागिरी रोड रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर उदयगिरी-रत्नागिरी रोड रेलवे स्टेशन करने की भी मंजूरी दी है।
इन विभागों से ली जाती है मंजूरी
अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय रेल मंत्रालय, डाक विभाग और भारतीय सर्वेक्षण विभाग से अनापत्ति लेने के बाद किसी स्थान या स्टेशन का नाम बदलने की मंजूरी दी जाती है। इन संगठनों को यह पुष्टि करनी होती है कि उनके रिकॉर्ड में प्रस्तावित नाम से मिलता-जुलता कोई शहर या गांव नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि किसी गांव या कस्बे या स्टेशन का नाम बदलने के लिए कार्यकारी आदेश की जरूरत होती है।
कुल मिलाकर आधिकारिक तौर पर यूपी में अभी फैजाबाद और प्रयागराज शहरों के नाम समेत कई अन्य नाम बदले जा चुके हैं। इसके अलावा मुगलसराय तहसील का नाम बदला गया, जबकि कुछ रेलवे स्टेशन के नाम बदले गए हैं। लेकिन, शहरों की डिमांड लिस्ट अभी लंबी है। भविष्य में उत्तर प्रदेश में कई और शहरों के नए नाम देखने को मिल सकते हैं।
