Prayagraj News: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (UPSTF) ने पूर्वांचल के कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू को मुठभेड़ में मार गिराया है। प्रयागराज यूनिट द्वारा थाना महाराजगंज क्षेत्र के एमीपुर घाट तिराहे के पास की गई कार्रवाई में भानु प्रताप गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
STF के अनुसार, भानु प्रताप सिंह लंबे समय से पुलिस की वांछित सूची में शामिल था। उस पर आजमगढ़ पुलिस ने एक लाख रुपये, अंबेडकरनगर पुलिस ने 50 हजार रुपये और गोरखपुर पुलिस ने 15 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया हुआ था। इस तरह उस पर कुल 1.65 लाख रुपये का इनाम था।
भानु प्रताप उर्फ बबलू 40 मुकदमों में था वांछित
भानु प्रताप के खिलाफ विभिन्न जिलों में हत्या, लूट, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में करीब 40 मुकदमे दर्ज थे। वह पूर्वांचल क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों में गिना जाता था और लंबे समय से फरार चल रहा था।
कल यानी रविवार 7 जून देर रात STF को सूचना मिली थी कि भानु प्रताप सिंह उर्फ बबलू बाइक पर अपने साथी के साथ भाग रहा है। टीम ने उसे रोकने की कोशिश की तो उसने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी उस पर गोलियां चलाईं, जिसमें से एक गोली लगने से वह घायल हो गया।
रात करीब 11 बजे हुआ एनकाउंटर
यह एनकाउंटर रात करीब 11 बजे महाराजगंज थाना क्षेत्र के एमी घाट के पास हुआ। हालांकि, भानु प्रताप का साथी अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से फरार हो गया। बता दें कि भानु प्रताप गोरखपुर का निवासी था। उस पर हत्या, लूट, रंगदारी जैसी गंभीर धाराओं में 40 मामले दर्ज थे। पुलिस उसे हार्डकोर अपराधी मानती है और लंबे समय से उसकी तलाश में थी।
रात करीब 11.10 बजे STF के इंस्पेक्टर जेपी राय ने इस मठभे़ की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर प्रभारी इंस्पेक्टर पुलिस बल के पाश मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर पहुंचकर उन्हें पता चला कि बाइक पर सवार दो बदमाशों की STF से मुठभेड़ हुई थी।
बबलू को गोली लगने के बाद STF ने ही एंबुलेंस को भी सूचना दी, लेकिन एंबुलेंस आने में देरी हुई तो STF स्वयं ही उसे CHC लेकर पहुंची। शुरुआती इलाज के बाद डाक्टरनों ने उसे मेडिकल कॉलेज, दर्शननगर के लिए रेफर कर दिया। STF उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची, चहां इलाज के दौरान भानु प्रताप सिंह की मौत हो गई।
