UP Ka Mausam (यूपी में आज का मौसम कैसा रहेगा) 29-December-2025: उत्तर प्रदेश में सर्दी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है और 29 दिसंबर को भी हालात में किसी राहत के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक पूरा प्रदेश घने कोहरे और कड़ाके की ठंड की चपेट में है। हालात की गंभीरता को देखते हुए IMD ने कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी कर प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। आने वाले 24 से 72 घंटे चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं।
यूपी में कोहरे और कोल्ड डे का मौसम
पूर्वी से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सर्दी ने तीसरे स्तर का असर दिखाना शुरू कर दिया है। वाराणसी, प्रयागराज जैसे शहरों में भी तापमान और ठंड का एहसास पहाड़ी इलाकों जैसा महसूस किया जा रहा है। घना कोहरा और कोल्ड डे की स्थिति के कारण सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है।
यूपी में ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में हालात ज्यादा गंभीर
मौसम विभाग ने प्रयागराज, प्रतापगढ़, फतेहपुर, कानपुर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, मथुरा, अलीगढ़, आगरा, फिरोजाबाद समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में अत्यंत घना कोहरा छाने और पूरे दिन ठंड का असर बने रहने की चेतावनी दी गई है। कुछ जगहों पर दृश्यता बेहद कम रहने की आशंका है, जिससे सड़क पर चलना मुश्किल हो सकता है।
येलो अलर्ट वाले क्षेत्रों में भी सतर्कता जरूरी
राजधानी लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, बाराबंकी, गोंडा और आसपास के जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा रहेगा और दृश्यता सीमित रहेगी। लखनऊ में न्यूनतम तापमान करीब 11 डिग्री और अधिकतम 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
नए साल पर बारिश का मौसम
आईएमडी के अनुसार 31 दिसंबर के बाद मौसम में एक और बदलाव देखने को मिल सकता है। नए साल के आसपास पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। इसके बाद तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे ठंड का असर और बढ़ेगा।तापमान में उतार-चढ़ाव का अनुमान
अगले दो से तीन दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में करीब चार डिग्री तक की गिरावट हो सकती है। इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में दो से चार डिग्री तक की बढ़ोतरी के आसार हैं, लेकिन कोहरे का असर लंबे समय तक बना रह सकता है।
