उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने राज्य के बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास, तकनीकी सुरक्षा और शहरी विकास से जुड़े 22 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दे दी है। इनमें प्रदेश में चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन, साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर की स्थापना, पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क और PRAGATI रोबोटिक्स पार्क से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए आवास बनाने, अंतर्देशीय जल परिवहन के नियम लागू करने और
अलग-अलग शहरों में बुनियादी सुविधाओं के विकास से जुड़े प्रस्ताव भी रखे गए। इन फैसलों से राज्य में एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, टेक्सटाइल सेक्टर और साइबर सुरक्षा को बड़ा बल मिलेगा।
चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंजूरी
राज्य में कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाने के लिए चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं (Developers) के चयन को कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं।
लखनऊ-हरदोई में बनेगा मेगा टेक्सटाइल पार्क
लखनऊ और हरदोई में 1,000 एकड़ जमीन पर 'पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क' विकसित करने की योजना है। इसके लिए मास्टर डेवलपर के चयन के प्रस्ताव पर मुहर लग गई है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में 'PRAGATI रोबोटिक्स पार्क' स्थापित करने का प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखा गया। एफडीआई और वैश्विक कंपनियों के निवेश से संबंधित इम्पावर्ड कमेटी के फैसलों पर मुहर लगाने का प्रस्ताव भी शामिल है।
साइबर सुरक्षा और जल परिवहन पर जोर
प्रदेश में 'साइबर सुरक्षा ऑपरेशंस सेंटर' स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसके लिए IIT कानपुर के C3iHub के जरिए काम किया जाएगा। इसके अलावा 'उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026' लागू करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। राज्य पशुधन मिशन से संबंधित प्रस्ताव पर भी कैबिनेट में विचार किया गया।
प्रयागराज में 845 आवास बनाने का प्रस्ताव
प्रयागराज में हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए 845 आवास बनाने को वित्तीय मंजूरी देने का प्रस्ताव शामिल है। शहर में ऑडिटोरियम और कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल बनाने की योजना भी प्रस्तावों में शामिल है। इसके अलावा झांसी और ललितपुर में भंडारगृह बनाने के लिए निःशुल्क जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया है।
लखनऊ और वाराणसी की सात परियोजनाओं पर विचार
लखनऊ और वाराणसी में सीवरेज और पेयजल से जुड़ी सात परियोजनाओं के खर्च को मंजूरी देने की तैयारी है। इन प्रस्तावों के जरिए प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं, औद्योगिक निवेश, परिवहन और शहरी विकास से जुड़े कई क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है।
