यूपी, हरियाणा समेत देश के कई राज्यों में 14 मार्च के बाद से ही रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी है। एक के बाद एक लगातार आ रहे पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में यह बदलाव हुआ है। जिसकी वजह से तेजी से बढ़ती गर्मी से बड़ी राहत मिली। लेकिन इस बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें भी बढ़ा दी। खासतौर पर उत्तर प्रदेश और हरियाणा में गेहूं और आम की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। जिसके कारण कई राज्यों में किसान मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
बारिश के कारण गेहूं की तैयार फसलें खराब
बेमौसम बारिश के कारण पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई अन्य राज्यों में भी गेहूं की तैयार फसल खराब हुई है। हरियाणा में तो कई जगहों पर फसल कट चुकी थी और खेतों में पड़ी हुई थी। लेकिन बारिश के कारण फसल पूरी तरह से भीग गई। झज्जर जिले के अमादलपुर गांव के किसानों ने बताया कि बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। पंजाब में भी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। इस कारण दोनों राज्यों के किसान सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
यूपी में किसानों को राहत देने की प्रक्रिया शुरू
उत्तर प्रदेश में भी स्थिति कुछ ऐसी ही है। यहां गेहूं के साथ-साथ आम की पैदावार को भी नुकसान पहुंचा है। लखनऊ के पास आम उगाने वाले एक किसान ने बताया कि उनकी फसल का करीब 10 से 15 प्रतिशत हिस्सा बेमौसम बारिश के कारण खराब हो गया है। उन्होंने कहा कि समय से पहले पके आम बारिश के कारण गिरकर खराब हो गए। इससे उनकी आय पर सीधा प्रभाव पड़ा है। यूपी में सरकार ने माना है कि कई जिले इस बेमौसम बारिश से प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से नुकसान का सर्वे कराकर किसानों को राहत देने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
बिहार में नुकसान का आकलन करने का निर्देश
इस बीच बिहार में भी तेज हवाओं और ओलों के कारण फसलों को काफी नुकसान हुआ है। राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि सरकार उनकी मदद करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नुकसान का आकलन कर जल्द ही रिपोर्ट भेजी जाए, ताकि राहत कार्य शुरू किया जा सके।
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