भारत ने गुरुवार रात को जम्मू, पठानकोट और उधमपुर स्थित सैन्य स्टेशनों समेत विभिन्न प्रतिष्ठानों पर ड्रोन और मिसाइल से हमला करने की पाकिस्तान की कोशिशों को नाकाम कर दिया। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइल का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया और दुश्मन के प्रयासों को विफल कर दिया। इसमें जम्मू-कश्मीर के नौसेरा सेक्टर में S-400 मिसाइल ने 2 पाकिस्तानी ड्रोन मार गिराये गए हैं। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा करने और अपने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइल द्वारा जम्मू, पठानकोट और उधमपुर स्थित सैन्य स्टेशनों को निशाना बनाया गया। स्थापित मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुरूप ‘काइनेटिक’ और ‘नॉन-काइटनेटिक’ क्षमताओं का उपयोग करके खतरों को तेजी से बेअसर कर दिया गया। किसी के हताहत होने या साजो सामान के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है। रक्षा एवं सुरक्षा प्रतिष्ठान के सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी प्रयासों को विफल करने के लिए एस-400 मिसाइल रक्षा प्रणाली, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल और एकीकृत मानवरहित विमान रोधी प्रणाली का इस्तेमाल किया गया।
पाक की 8 मिसाइलें नष्ट
भारतीय डिफेंस सिस्टम ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जम्मू हवाई अड्डे सतवारी समेत जम्मू के सीमावर्ती क्षेत्रों की ओर पाकिस्तान की ओर से दागी गई कम से कम आठ मिसाइल को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। सूत्रों ने कहा कि फलस्तीनी आतंकी समूह हमास की रणनीति की तरह जम्मू क्षेत्र में दागे गए कई मामूली रॉकेट को वायु रक्षा इकाइयों द्वारा सफलतापूर्वक रोका गया और बेअसर कर दिया गया। मिसाइल को सतवारी (जम्मू हवाई अड्डा), सांबा, आरएस पुरा और अरनिया समेत प्रमुख स्थानों को लक्षित करके दागा गया था। पाकिस्तानी सेना हमास जैसे आतंकवादी संगठन के समान तरीके से काम कर रही है और पिछले महीने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पाकिस्तान की ‘इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस’ (आईएसआई) और हमास के सदस्यों के बीच एक बैठक हुई थी।
भारत की पश्चिमी सीमा की ओर भी दुश्मन के ड्रोन देखे गए गए, जिसे सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया। जम्मू शहर में दो बड़े धमाके हुए और इसके बाद अचानक बिजली गुल हो गई। ये धमाके संभवतः ड्रोन को रोकने के कारण हुए थे। इसके तुरंत बाद, पूरे शहर में सायरन गूंजने लगे, जिससे निवासियों को सुरक्षित जगहों पर आश्रय लेने के लिए सजग होना पड़ा।
सामरिक रूप से महत्वपूर्ण जम्मू हवाई अड्डे और उसके आस-पास के क्षेत्रों पर हमला करने का प्रयास किया गया था, जहां सेना, वायुसेना और अर्धसैनिक बलों के प्रतिष्ठान स्थित हैं। सूत्रों ने वायु रक्षा प्रोटोकॉल के सक्रिय होने की पुष्टि की, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय वायु रक्षा प्रणाली द्वारा कई पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया गया।
