Greater Noida Contaminated Water: ग्रेटर नोएडा में दूषित पानी की समस्या फिर गंभीर रूप लेती हुई नजर आ रही है। लोगों पर एक बार फिर स्वास्थ्य संबंधी खतरा मंडरा रहा है। यह परेशानी ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-1 सेक्टर में अधिक नजर आ रही है। बता दें कि ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी और जिला प्रशासन के बयानों में दूषित जल को लेकर साफ तौर पर विरोधाभास दिखाई दे रहा है। इस मामले को लेकर अथॉरिटी का कहना है कि उनकी टीम जब डेल्टा-1 सेक्टर पहुंची तो वहां कोई भी बीमार व्यक्ति नहीं मिला। वहीं दूसरी तरफ, जिलाधिकारी की ओर से जारी बयान में यह स्पष्ट किया गया है कि इसी सेक्टर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा हेल्थ कैंप लगाया जा रहा है और कई लोग पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी बीमारियों से पीड़ित पाए गए हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर हेल्थ कैंप का आयोजन
जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने डेल्टा-1, ग्रेटर नोएडा में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी गौतम बुद्ध नगर डॉ. नरेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि चिकित्सा अधीक्षक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डाढा, दनकौर के माध्यम से यह शिविर लगाया गया। शिविर में डॉ. शिल्पी शुक्ला, फार्मासिस्ट वेद प्रकाश, स्टाफ नर्स कुसुम और वार्ड बॉय कृष्णा कुमार मौजूद रहे। इस दौरान कुल 23 लोगों के हेल्थ की जांच की गई, जिनमें से 7 मरीज उल्टी और दस्त से प्रभावित पाए गए, जिनका मौके पर उपचार किया गया।
स्वास्थ्य विभाग ने लिए पानी के सैंपल
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एहतियात के तौर पर डेल्टा-1 क्षेत्र के 5 घरों से पेयजल के नमूने भी एकत्र किए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, जिला प्रशासन के अनुसार अस्पतालों में रोजाना 40 से अधिक बच्चे डायरिया, पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत के साथ पहुंच रहे हैं। यह आंकड़ा साफ तौर पर दर्शाता है कि दूषित पानी की समस्या सिर्फ एक सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रेटर नोएडा के कई सेक्टरों में यह लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है।
दूषित पानी के कारण कई सोसायटी में लोग पड़े बीमार
बीते एक वर्ष के आंकड़ों पर नजर डालें, तो करीब 10 सोसाइटियों में दूषित पानी के कारण सैकड़ों लोग बीमार पड़ चुके हैं। जांच में कई सोसायटियों के पानी में ई-कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए थे, जो संक्रमण फैलाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। एक सोसाइटी में तो हालात इतने खराब हो गए थे कि दूषित पानी की वजह से 150 से अधिक लोग बीमार हो गए थे।
स्थानीय लोगों ने अथॉरिटी पर लगाए आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद अथॉरिटी की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, दूषित पानी को लेकर जारी यह विरोधाभासी बयान लोगों की चिंता और नाराजगी दोनों बढ़ रहा है।
(इनपुट - आईएएनएस)
