Delhi News: दिल्ली पुलिस ने उत्तरी दिल्ली के आईएसबीटी के पास पिछले सप्ताह हुई गोलीबारी की घटना के संबंध में जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े वकील दीपक खत्री पर कार्रवाई करते हुए एक प्रमुख साजिशकर्ता और एक शूटर को गिरफ्तार किया है। इस बारे में एक अधिकारी ने मंगलवार को जानकारी दी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक 26 वर्षीय रोहित सोलंकी है, जो पूथ कलां का रहने वाला है और कथित रूप से रोहित गोदारा गिरोह से जुड़ा हुआ है। उत्तरी जिला पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए 20 अलग-अलग स्थानों पर लगे 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और व्यापक तलाशी अभियान चलाया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।
जरूरी सामान उपलब्ध कराया था
अधिकारी के अनुसार, एक समानांतर कार्रवाई में अपराध शाखा ने पूथ कलां निवासी 22 वर्षीय सागर मलिक को हिरासत में लिया। आरोप है कि उसने हमलावरों को वारदात में इस्तेमाल किए गए स्कूटर और फर्जी सिम कार्ड समेत अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराया था। पुलिस ने उसके कब्जे से एक विदेशी निर्मित ग्लॉक पिस्तौल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पश्चिम विहार के रहने वाले 45 वर्षीय खत्री पर 24 फरवरी को उस समय फायरिंग की गई थी, जब वह अपने सहयोगियों के साथ कश्मीरी गेट स्थित मरघट वाले हनुमान मंदिर से वापस लौट रहे थे।
बदमाशों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग
रात लगभग 10:05 बजे, जैसे ही उनकी गाड़ी रिंग रोड पर एक रैन बसेरा के नजदीक पहुंची, तभी दोपहिया वाहन पर आए बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में खत्री के सहयोगी संदीप को दो गोलियां लगीं, जिससे वह घायल हो गए। घटना के संबंध में कश्मीरी गेट थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) (हत्या का प्रयास), धारा 3(5) (आपराधिक षड्यंत्र) और शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
बिश्नोई गिरोह और अन्य आपराधिक गुटों के बीच तनाव
पुलिस का कहना है कि नवंबर 2025 में दुबई में सुखदीप उर्फ सिप्पा की हत्या और दिसंबर 2025 में चंडीगढ़ में गोदारा गिरोह के सदस्य इंदरप्रीत उर्फ पैरी की हत्या के बाद लॉरेंस बिश्नोई गिरोह और अन्य आपराधिक गुटों के बीच तनाव बढ़ गया था। इसी बढ़ती रंजिश के चलते खत्री गैंगस्टर रोहित गोदारा और उसके सहयोगी गोल्डी बराड़ के निशाने पर आ गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, खत्री की हत्या की साजिश रोहित गोदारा और रोहित सोलंकी ने मिलकर रची थी। आरोप है कि दोनों ने वारदात को अंजाम देने से पहले वकील की गतिविधियों पर नजर रखी और उसकी दिनचर्या की जानकारी जुटाई थी।
सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए जुटाई जानकारी
पुलिस के अनुसार, खत्री की दिनचर्या की जानकारी उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए जुटाई गई। जांच में सामने आया कि रोहित सोलंकी को पता चला था कि खत्री हर मंगलवार मरघट वाले हनुमान मंदिर दर्शन के लिए जाते हैं। वारदात वाले दिन सोलंकी ने कथित तौर पर गोदारा द्वारा लगाए गए दो शूटरों के साथ मिलकर खत्री की पहचान की, उन पर हमला किया और मौके से फरार हो गए। पूछताछ में सोलंकी ने बताया कि भागते समय हमलावरों ने राजघाट के पास एक स्कूटर और ग्लॉक पिस्तौल छोड़ दी थी।
कहां बरामद हुई पिस्तौल?
बाद में यह पिस्तौल पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र में एक अन्य घटना के दौरान बरामद हुई। जानकारी के मुताबिक, एक ट्रक चालक ने पिस्तौल उठाई, जिससे गलती से गोली चल गई और वह घायल हो गया। स्कूटर को भी बाद में जब्त कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि अपराध में जिस स्कूटर का इस्तेमाल हुआ, वह सागर मलिक की मां के नाम पर पंजीकृत था। मलिक ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए एक सिम कार्ड हासिल कर उसे सोलंकी को दिया था।
अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी
हमले के बाद सोलंकी जयपुर पहुंचा और वहां से बैंकॉक की फ्लाइट पकड़ ली। बताया जा रहा है कि वह आगे दुबई भागने की तैयारी में था। हालांकि, उसे थाईलैंड से निर्वासित कर दिया गया और बाद में दिल्ली के बाहरी क्षेत्र के एक गांव से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, सागर मलिक को रोहिणी से पकड़ा गया है और वह वर्ष 2024 के एक हत्या के प्रयास के मामले में भी शामिल रहा है। फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
(इनपुट - भाषा)
