Bihar News: बिहार में यात्री बसों में यात्रा करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर एक अहम कदम उठाया गया है। राज्य में चलने वाली यात्री बसों में ड्राइवर के साथ कंडक्टर को भी लाइसेंस रखना अनिवार्य है। यदि इसके बाद भी किसी कंडक्टर के पास लाइसेंस नहीं होता है तो उसे काम करने की अनुमति नहीं मिलेगी। यात्री बस में कंडक्टर के रूप में कार्य करने के लिए लाइसेंस अब अनिवार्य है।
कंडक्टर के पास लाइसेंस होने अनिवार्य करने का ये महत्वपूर्ण फैसला परिवहन विभाग कि समीक्षा बैठक में लिया गया था। इसके साथ ही यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, इस नियम का अनुपालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। इतना ही नहीं समीक्षा बैठक में लिए फैसले का अनुपाल हुआ है कि नहीं इसका जांच भी की जाने की तैयारी की जा रही है।
यात्री बसों के कंडक्टरों के लिए भी लाइसेंस जरूरी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बता दें कि यात्री बस में कार्य करने वाले मात्र 35 कंडक्टरों के पास ही लाइसेंस है। बाकी कंडक्टरों के पास नहीं है। लेकिन अब विभाग द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार, सभी बस कंडक्टरों के पास लाइसेंस होना अनिवार्य है। इसके अलावा कंडक्टर के दुर्व्यवहार पर लाइसेंस के माध्यम से उसकी शिकायत करना भी लोगों के लिए आसान हो जाएगा। साथ ही यात्रा करने वाले यात्री भी सुरक्षित होंगे।
कंडक्टर लाइसेंस कहां से प्राप्त करें
यात्री बसों में बिना लाइसेंस के काम कर रहे कंडक्टरों के पास भी अब लाइसेंस अनिवार्य है। लाइसेंस बनाने के लिए आपको कहा जाना होगा आइए आपको इस बारे में बताएं...
कंडक्टर लाइसेंस जिला परिवहन कार्यालय से जारी किया जाता है। कंडक्टर लाइसेंस ड्राइविंग लाइसेंस जैसा नहीं होता है। इसमे लर्निंग लाइसेंस का सिस्टम नहीं है। यहां आवेदन करने के बाद सीधा लाइसेंस निर्गत किया जाता है। इस लाइसेंस के माध्यम से विभाग के पास हर यात्री बस में काम करने वाले कंडक्टर की जानकारी होगी। इससे यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकेगा और महिलाओं के साथ हुए दुर्व्यवहार की पहचान भी की जा सकेगी।
