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कोलकाता में TMC के अस्थायी दफ्तर को खाली करने का आदेश, ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के लिए बने थे अलग-अलग कमरे

Kolkata TMC Office: कोलकाता के मेट्रोपोलिटन इलाके में स्थित टीएमसी के अस्थायी पार्टी दफ्तर को खाली करने का आदेश दिया गया है। यह दफ्तर 2022 से किराए की इमारत में चल रहा था। इमारत के मालिक ने अब इसे खाली करने को कहा है।

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स्थानीय लोगों ने लगाए गंभीर परेशानियों के आरोप

Photo : Times Now Digital

Kolkata TMC Office: कोलकाता के मेट्रोपोलिटन इलाके में स्थित एक बहुमंजिला इमारत, जिसे पिछले चार वर्षों से अस्थायी रूप से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पार्टी दफ्तर के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था, अब खाली करने की स्थिति में आ गई है। बताया जा रहा है कि इमारत के मालिक मोंटू साहा ने पार्टी नेतृत्व को यह जगह खाली करने का निर्देश दिया है। पहले भी उन्हें मौखिक रूप से इस बारे में सूचित किया गया था। टीएमसी ने वर्ष 2022 में अपने पुराने टॉप्सिया स्थित पार्टी मुख्यालय में मरम्मत कार्य शुरू होने के बाद ईएम बाईपास (EM Bypass Building) के पास मेट्रोपोलिटन इलाके की इस इमारत को किराए पर लिया था।

स्थानीय लोगों ने परेशानियों का लगाया आरोप

इसके बाद यह स्थान पार्टी का अस्थायी कार्यालय बन गया था। यहां पर ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) और अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) के लिए अलग-अलग कमरे भी बनाए गए थे। साथ ही, पार्टी के कई बड़े नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस और बैठकों के लिए नियमित रूप से यहां आते थे। हालांकि, इस पार्टी कार्यालय के सामने रहने वाले स्थानीय लोगों ने पिछले कुछ वर्षों में कई परेशानियों का सामना करने का आरोप लगाया है। सामने स्थित एक रिहायशी इमारत के निवासियों का कहना है कि पार्टी कार्यालय की तरफ वाली दीवार पर बिना उनकी अनुमति के एक बड़ा टीएमसी पोस्टर लगाया गया था, जिसने उनकी खिड़कियों को पूरी तरह ढक दिया था। उनका आरोप है कि इस वजह से उनके घरों में रोशनी और हवा आना कम हो गया था, जिससे उन्हें लगातार असुविधा होती रही।

इमारत खाली कराने के निर्देश के बाद मामला सुर्खियों में

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि जब भी उन्होंने पोस्टर हटाने की मांग की, तो उन्हें कथित तौर पर धमकियों का सामना करना पड़ा। एक महिला निवासी ने आरोप लगाया कि उन्हें इस मुद्दे पर विरोध करने से रोका गया और परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। इसके अलावा, उनका यह भी कहना है कि जब पार्टी कार्यालय में बड़े नेता आते थे, तो उनके भवन के सामने वाले रास्ते को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाता था, जिससे आवागमन बाधित होता था। फिलहाल, इमारत खाली कराने के निर्देश के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

Pooja Mehta
पूजा मेहताauthor

पूजा मेहता एक वरिष्ठ टेलीविज़न पत्रकार हैं, जिन्हें रिपोर्टिंग का लगभग 15 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने राजनीति, आतंकवाद, आंतरिक संघर्ष, रक्षा, पर्यावरण और अपराध पर व्यापक रिपोर्टिंग की है, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों पर गहरा फोकस रखते हुए। संघर्षग्रस्त इलाकों से उनकी ज़मीनी रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों की गहन समझ उन्हें पैनी दृष्टि और विश्वसनीय विश्लेषण के लिए अलग पहचान दिलाती है। वह प्रमाणित Defence Correspondent हैं और अमेरिकी विदेश विभाग के प्रतिष्ठित International Visitor Leadership Program (IVLP) की एलुमनी भी हैं, जिससे विदेशी नीति, सुरक्षा और सामरिक मामलों में उनकी विशेषज्ञता और मजबूत हुई है।

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