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राष्ट्रपति के बयान पर TMC का पलटवार, ST कम्युनिटी के लिए क्या-क्या किया? कहा-गलतफहमी में हैं...

पश्चिम बंगाल दौरे पर पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संथाली कार्यक्रम में शिरकत के दौरान आदिवासियों के विकास को लेकर चिंता जताई और बंगाल सरकार के रवैये पर नाराज दिखीं। टीएमसी को लेकर राष्ट्रपति की ओर से लगाए गए आरोपों पर टीएमसी ने आपत्ति जताई। पार्टी ने सम्मानपूर्वक कई योजनाओं और आंकड़ों के जरिए अपनी उपलब्धियां गिनाईं।

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बंगाल में राष्ट्रपति मुर्मू के बयान पर टीएमसी ने जताई नाराजगी (फोटो-ट्विटर)

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हालिया बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि पश्चिम बंगाल में आदिवासी (एसटी) समुदायों के लिए सरकार ने पिछले वर्षों में ठोस और मापने योग्य विकास कार्य किए हैं। टीएमसी के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल से जारी एक विस्तृत पोस्ट में पार्टी ने राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए लिखा कि यह दुखद है कि राष्ट्रपति को यह गलतफहमी हुई है कि बंगाल में आदिवासी समुदायों के लिए कोई विकास नहीं हुआ। पार्टी ने सम्मानपूर्वक कई योजनाओं और आंकड़ों के जरिए अपनी उपलब्धियां गिनाईं।

टीएमसी ने गिनाई योजनाएं

भाषा के हवाले से पोस्ट में बताया गया कि 'लक्ष्मीर भंडार योजना' के तहत एसटी महिलाओं की मासिक वित्तीय सहायता 500 रुपए बढ़ाकर 1,700 रुपए प्रति माह (वार्षिक 20,400 रुपए) कर दी गई है। 2025-26 में सिखश्री स्कॉलरशिप के तहत 1,09,272 एसटी छात्रों को पढ़ाई के लिए सहायता प्रदान की गई। जय जोहार स्कीम के अंतर्गत 2,98,315 लाभार्थियों को मासिक 1,000 रुपए की पेंशन मिल रही है, जिससे आदिवासी परिवारों में आर्थिक सुरक्षा मजबूत हुई है।

टीएमसी ने 'सिद्धू कानू मेमोरियल (संथाली माध्यम) अबासिक स्कूल' की स्थापना का जिक्र किया, जिससे एसटी बच्चे अपनी मातृभाषा संथाली में शिक्षा प्राप्त कर सकें। जंगलमहल जिलों में 35,845 एसटी व्यक्ति पश्चिम बंगाल केंदू लीव्स कलेक्टर्स सोशल सिक्योरिटी स्कीम के दायरे में आते हैं। लैंपस की महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की आजीविका के लिए चालू वित्तीय वर्ष में प्रत्येक एसएचजी को 30,000 रुपए की सहायता दी गई, जिसके तहत अब तक 7,932 एसएचजी को 23.80 करोड़ रुपए वितरित हो चुके हैं।

जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए अंतिम मील कनेक्टिविटी, पेयजल, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पर फोकस किया गया है। इसमें सड़कें, पुलिया, पुलों का निर्माण, हैंड पंप और सोलर-बेस्ड ट्यूबवेल लगाना, एसटी हॉस्टल की मरम्मत, कम्युनिटी हॉल, आईसीडीएस सेंटर, जाहेर थान और माझी थान का निर्माण तथा सोलर स्ट्रीट लाइट लगाना शामिल है। इन कार्यों के लिए अब तक कुल 78.94 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं।

टीएमसी ने जोर दिया कि ये सभी योजनाएं और परियोजनाएं जमीनी स्तर पर मापी जा सकती हैं, जिनका उद्देश्य पूरे बंगाल में आदिवासी समुदायों के लिए सम्मान, अवसर और समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। पार्टी ने राष्ट्रपति से अपील की कि वे इन प्रयासों को ध्यान में रखें और बंगाल सरकार की प्रतिबद्धता को समझें।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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