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ये खबर गलत है! TMC के बागी सांसद एनडीए को समर्थन नहीं दे रहे, बोले कीर्ति आजाद

टीएमसी नेता कीर्ति आज़ाद ने 20 सांसदों के एनडीए समर्थन की वायरल सूची को फर्जी बताया। उन्होंने भाजपा पर झूठ फैलाने और पार्टी में फूट डालने की कोशिश का आरोप लगाया।

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कीर्ति आजाद ने बागियों के NDA को समर्थन की खबर को बताया गलत

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) और ममता बनर्जी के लिए कुछ भी अच्छी खबर नहीं आ रही है। विधायकों के अलग गुट बनाने के बाद अब बागी सांसदों के भी अलग होने की खबरें हैं। इस बीच खबर आई कि बागी सांसदों का गुट भाजपा के नेतृत्व वाले NDA को समर्थन देगा। इधर पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस नेता कीर्ति आजाद ने बागी सांसदों द्वारा NDA को समर्थन देने की खबरों का खंडन किया है। उनका कहना है कि यह खबर झूठ है। अपनी बात रखने केल लिए उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X का सहारा लिया।

'फर्जी और मनगढ़ंत है पूरी लिस्ट'

तृणमूल कांग्रेस (AITC या TMC) के नेता कीर्ति आजाद ने आज यानी मंगलवार 9 जून को उस वायरल सोशल मीडिया पोस्ट को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि टीएमसी के 20 सांसदों का एक अलग समूह NDA को समर्थन देने जा रहा है। उन्होंने इस सूची को पूरी तरह 'फर्जी और मनगढ़ंत' बताते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर राजनीतिक माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया।

Kirti Azad ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह पूरी कोशिश पार्टी में फूट डालने की एक साजिश है, जो पूरी तरह विफल हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि वायरल लिस्ट में शामिल कई सांसदों ने पहले ही साफ तौर पर ऐसे किसी भी दस्तावेज या प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है।

'ऑपरेशन लोटस पूरी तरह से असफल'

उन्होंने लिखा, 'यह फर्जी और मनगढ़ंत लिस्ट भाजपा द्वारा फैलाई गई है। सूची में शामिल छह सांसदों ने स्पष्ट रूप से किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया है। 'ऑपरेशन लोटस' पूरी तरह विफल हो चुका है। अमित शाह असफल रहे हैं।'

सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस कथित सूची में दावा किया गया था कि टीएमसी के 20 सांसद पार्टी नेतृत्व से अलग होकर एनडीए को समर्थन देने वाले एक गुट का हिस्सा बन गए हैं। इस पोस्ट में कई पुराने और नए सांसदों के नाम भी शामिल किए गए थे, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई।

लिस्ट में किस-किस का नाम?

वायरल हो रही लिस्ट में जिन नामों का उल्लेख किया गया, उनमें काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, जगदीश चंद्र बरमा बसुनिया, पार्थ भौमिक, प्रतिमा मंडल, बापी हल्दर, माला रॉय, सुदीप बंद्योपाध्याय, प्रसून बनर्जी, जूनी मालिया, शर्मिला सरकार, असित कुमार मल, मिताली बाग, दीपक अधिकारी (देव), कलिपदा सोरेन, अरूप चक्रवर्ती, यूसुफ पठान, रचना बनर्जी, अबू ताहेर खान और सौगत रॉय जैसे नाम शामिल हैं।

दावों की पुष्टि नहीं, आजाद बोले फर्जी नैरेटिव

हालांकि, इन दावों की किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। न तो टीएमसी नेतृत्व और न ही सूची में शामिल किसी सांसद ने इस तरह के किसी भी राजनीतिक बदलाव या समर्थन की घोषणा की है। कीर्ति आजाद ने पहले भी भाजपा पर टीएमसी में अंदरूनी असंतोष को लेकर झूठ फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह पूरी कहानी एक 'फर्जी नैरेटिव' है, जिसे राजनीतिक लाभ के लिए गढ़ा गया है।

ED, CBI के दुरुपयोग का आरोप

उन्होंने केंद्र सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दलों पर दबाव बनाने के लिए ईडी, सीबीआई और पुलिस जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह पूरा विवाद अब भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए प्रतिष्ठा का मुद्दा बन गया है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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