Chandranath Rath Murder Case: बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में पुलिस जांच लगातार तेज होती जा रही है। यह सनसनीखेज वारदात उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके में हुई। जिसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और फॉरेंसिक टीम ने मौके से अहम सबूत भी जुटाए, जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस ने आशंका जताई है कि चंद्रनाथ रथ की हत्या पूरी तरह सुनियोजित तरीके से की गई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमलावर किस रास्ते से आए और घटना के बाद कहां भागे।
कैसे हुई हत्या?
जानकारी के अनुसार, चंद्रनाथ रथ बुधवार रात माइकल नगर होते हुए मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में स्थित अपने घर जा रहे थे। तभी एक संदिग्ध कार ने अचानक उनकी स्कॉर्पियो को बीच सड़क पर रोक दिया। इसी दौरान पीछे से बाइक पर सवार एक हमलावर वहां आया और बेहद करीब से स्कॉर्पियो पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों ने बहुत तेजी से पूरी वारदात को अंजाम दिया। हमलावर ने पॉइंट ब्लेंक रेंज पर गोली चलाई। हत्या को अंजाम देने के बाद कार सवार हमलावर बाइक पर बैठकर मौके से फरार हो गए। उन्होंने कार को घटनास्थल पर ही छोड़ दिया।
कार ने बीच सड़क पर रोकी चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे और बेहद पेशेवर तरीके से हमले को अंजाम दिया गया। एक चश्मदीद ने बताया कि रात बुधवार रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच चंद्रनाथ की कार अचानक सड़क पर रुक गई। तभी बाइक सवार एक शख्स ने कार की बाईं तरफ से फायरिंग शुरू कर दी। उसने बताया कि हमलावर बहुत प्रशिक्षित लग रहा था, उसने काफी नजदीक से गोलियां चलाईं। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने दो राउंड फायरिंग की आवाज सुनी। यह पूरी वारदात अस्पताल से कुछ ही दूरी पर हुई थी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। चंद्रनाथ को गंभीर रूप से घायल हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है इस हमले में उनके ड्राइवर को भी गोली लगी है।
कार की नंबर प्लेट फर्जी - DGP
पश्चिम बंगाल के डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने बताया कि घटना में इस्तेमाल की गई कार को पुलिस ने जब्त कर लिया है। शुरुआती जांच में पता चला है कि वाहन पर लगी नंबर प्लेट नकली है और उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। पुलिस के अनुसार गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर सिलीगुड़ी का बताया जा रहा था। घटनास्थल से जिंदा और इस्तेमाल किए गए कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस को शक है कि हमलावरों ने प्लानिंग के तहत इस वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने पहले से चंद्रनाथ की गतिविधियों पर नजर रखी हुई थी और उनके रूट की भी रेकी की गई थी। बताया जा रहा है कि हमले में ऑस्ट्रेलियन ग्लॉक पिस्टल का इस्तेमाल किया गया है। कुल 10 राउंड फायर हुई। जिसमें से दो गोलियां रथ के सीने में लगीं, जो दिल के आर-पार हो गईं और एक गोली पेट में लगी।
फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर कार, स्कॉर्पियो और आसपास के इलाके की गहनता से जांच की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच कर रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके और उनके भागने के रूट का पता लगाया जा सके। घटना के बाद सुकांत मजूमदार और शुभेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचे। शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि पुलिस को कुछ अहम सबूत मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। वहीं सुकांत मजूमदार ने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि कानून अपना काम करेगा।
