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Surajkund Mela 2026 : सूरज कुंड मेले में इथियोपियाई स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र, भारतीय रंग में रंगे विदेशी कलाकार

Surajkund Mela 2026 : 31 जनवरी से 15 फरवरी तक चल रहे सूरजकुंड मेले में लगभग 1200 स्टॉल और 50 से अधिक देशों के कारीगर अपनी-अपनी पारंपरिक कला और संस्कृति का प्रदर्शन कर रहे हैं। खासकरस इथियोपियाई कारीगरों की बारीक कारीगरी, विशिष्ट डिज़ाइन और पारंपरिक रंगों ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया है।

Surajkund Mela Ethiopia Product

सूरजकुंड मेले में इथियोपिया के कलाकार

Surajkund Mela 2026 : फरीदाबाद में आयोजित सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला 2026 (39वां संस्करण) में इथियोपिया का पवेलियन दर्शकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनकर उभरा है। मेले में भाग ले रहे इथियोपिया के 20 सदस्यीय सांस्कृतिक एवं कारीगर प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रस्तुत हस्तनिर्मित कोस्टर, पारंपरिक डिज़ाइन वाली टी-शर्ट, सजावटी कलाकृतियाँ और अन्य शिल्प उत्पादों को देखने और खरीदने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय व अंतरराष्ट्रीय आगंतुक पहुंच रहे हैं।

50 देश के 1200 स्टॉल

31 जनवरी से 15 फरवरी तक चल रहे इस विश्वप्रसिद्ध मेले में लगभग 1200 स्टॉल और 50 से अधिक देशों के कारीगर अपनी-अपनी पारंपरिक कला और संस्कृति का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी क्रम में इथियोपियाई कारीगरों की बारीक कारीगरी, विशिष्ट डिज़ाइन और पारंपरिक रंगों ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया है, जिसके चलते स्टॉल पर दिनभर भीड़ बनी हुई है।

मेले की खास बात यह रही कि इथियोपिया, बोत्सवाना और सेनेगल के युवा (Gen-Z) कलाकार भारतीय संस्कृति से प्रभावित नजर आए। इन कलाकारों ने भारतीय लोकप्रिय गीतों पर पारंपरिक और फ्यूजन शैली में नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों का दिल जीत लिया। कई विदेशी कलाकारों द्वारा हिंदी भाषा के प्रति विशेष रुचि और ज्ञान भी देखने को मिला, जो भारत की सांस्कृतिक वैश्विक पहुंच को दर्शाता है।

इथियोपियाई कलाकारों की प्रस्तुति ने किया आकर्षित

इथियोपियाई प्रतिनिधिमंडल केवल हस्तशिल्प तक सीमित नहीं है, बल्कि तालबद्ध पारंपरिक नृत्य, लोक संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्राचीन सभ्यता, समृद्ध परंपराओं और जीवंत रचनात्मक विरासत को भी प्रदर्शित कर रहा है। इन प्रस्तुतियों ने भारत और अफ्रीकी देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद और आपसी समझ को और अधिक मजबूत किया है।

मेला आयोजकों और हरियाणा पर्यटन विभाग के अनुसार, इस वर्ष मेले में आगंतुकों की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रहने की उम्मीद है, जिससे सूरजकुंड मेला एक बार फिर कला, संस्कृति और पर्यटन के वैश्विक उत्सव के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इथियोपियाई सहित अफ्रीकी देशों के सांस्कृतिक दलों की सहभागिता ने मेले को अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक समागम का जीवंत स्वरूप प्रदान किया है।

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Pushpendra Kumar
Pushpendra Kumar author

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ... और देखें

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