Rudraprayag Road Accident: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में शनिवार को एक भीषण सड़क दुर्घटना ने तीन लोगों की जान ले ली, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा ऊखीमठ क्षेत्र के भीरी-पेलिंग मोटर मार्ग पर हुआ, जहां एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर करीब 12:15 बजे एक कार, जो बांसवाड़ा क्षेत्र से पेलिंग और उथिंड गांव की ओर जा रहा था, अचानक नियंत्रण खो बैठा और लगभग 50 फीट नीचे खाई में गिर गया। राहत की बात यह रही कि गिरते समय वाहन एक पेड़ में अटक गई, जिससे हादसा और भी भयावह होने से बच गया। हालांकि वाहन में सवार सभी लोग गंभीर रूप से प्रभावित हुए, जिनमें तीन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल
दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस उपाधीक्षक रुद्रप्रयाग विकास पुंडीर के निर्देशन में ऊखीमठ पुलिस, एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं। स्थानीय लोगों के सहयोग से संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। रेस्क्यू टीमों ने खाई में गिरे वाहन में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि भेजा। हादसे में रेशमा देवी, दक्षित, सान्वी, विहान और वैभव घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। वहीं इस दुखद दुर्घटना में महेन्द्र सिंह, उनके बेटे अंजन सिंह और संगीता देवी की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
तेजी से बचाव अभियान चलाया गया
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना में प्रभावित सभी लोग उथिंड गांव के रहने वाले हैं। पुलिस द्वारा हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और ग्रामीणों में शोक का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है, वहीं घायल लोगों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की जा रही है। राहत की बात यह रही कि दुर्घटना के तुरंत बाद पुलिस, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर तेजी से बचाव अभियान चलाया, जिसके चलते घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उनका इलाज शुरू कराया जा सका।
