दिल्ली-NCR में सुपरटेक होमबायर्स के लिए खुशखबरी, 3 साल में मिल जाएंगे फ्लैट! NBCC 16 अधूरे प्रोजेक्ट करेगी टेकओवर
- Edited by: Pushpendra Kumar
- Updated Feb 5, 2026, 09:22 PM IST
दिल्ली-एनसीआर के सुपरटेक में 2010-12 के बीच निर्माण की गईं 16 अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए एनबीसीसी को सौंपे हैं। कोर्ट के इस आदेश के बाद करीब 50 हजार से अधिक फ्लैट खरीदारों को 3 साल में अपना घर मिलने की आस बढ़ गई है।
सुपरटेक फ्लैट (फोटो-Istock)
दिल्ली-एनसीआर में लंबे समस से अधूरी फ्लैट परियोजनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट साल 2010-12 के बीच निर्मित की सुपरटेक के अधूरे 16 हाउसिंग प्रोजक्ट को बनाने की मंजूरी दे दी है। ये सभी परियोजनाएं एनबीसीसी को सौंपने का आदेश दिया है। कोर्ट ने एनबीसीसी को अधिकतम तीन साल की निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य पूरा करने को कहा है। इस आदेश से लगभग 50,000-51,000 घर खरीदारों को बड़ी राहत मिली है, जो एक दशक से अधिक समय से कब्जे का इंतजार कर रहे थे।
कोर्ट ने पाया कि सुपरटेक परियोजनाओं को समय से पूरा करने में विफल रही है और कंपनी पर धन के दुरुपयोग के तमाम आरोप हैं। लिहाजा, सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें समय पर परियोजना पूर्ण करने और घर खरीदारों के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए एनबीसीसी को परियोजनाओं के हस्तांतरण को मंजूरी दी गई थी।
| फेज-1 | फेज-2 | फेज 3 |
| इको विलेज 2 सेक्टर 168 ग्रेटर नोएडा | नॉर्थ आई सेक्टर 74 नोएडा | हिल टाउन-गुरुग्राम |
| रोमानो सेक्टर 118 नोएडा | अपकंट्री सेक्टर 17ए, यमुना एक्सप्रेसवे | अरावली -गुरुग्राम |
| केपटाउन सेक्टर 74 नोएडा | इको विलेज 1 सेक्टर 1 ग्रेटर नोएडा | रिवरक्रेस्ट-रुद्रपुर |
| जार सुइट्स ग्रेटर नोएडा | मेरठ स्पोर्ट्स सिटी मेरठ | दून स्क्वायर -देहरादून |
| इको विलेज 3 सेक्टर 16बी, ग्रेटर नोएडा | ग्रीन विलेज मेरठ | मिकासा-बेंगलुरु |
| स्पोर्ट्स विलेज सेक्टर 10 ग्रेटर नोएडा | - | - |
| इको सिटी सेक्टर 137 नोएडा | - | - |
कोर्ट ने तमाम दलीलों को सुनते हुए यह भी स्पष्ट कर दिया कि उसका आदेश अंतिम और बाध्यकारी है, और कोई भी न्यायालय या मंच परियोजनाओं को पूरा करने के लिए जारी किए गए निर्देशों के कार्यान्वयन में हस्तक्षेप नहीं करेगा।
क्या बोले अधिवक्ता
आईएनएस के हवाले से अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि सुपरटेक की दिल्ली एनसीआर में 16 परियोजनाएं चल रही थीं, जिनमें लगभग 51,000 फ्लैट शामिल थे, जिन्हें उन्होंने तीन साल के भीतर सौंपने का वादा किया था। ये सभी परियोजनाएं 2009, 2010, 2011 और 2012 के बीच शुरू की गई थीं। आरोप है कि लोग अपना फ्लैट की चाहत के चलते EMI भर रहे थे और उन्हें 13, 14 सालों से न्याय नहीं मिल रहा था। कई लोग फ्लैट नहीं होने के चलते किराये के मकानों पर रह रहे हैं, जिससे उन्हें असमंजस की स्थिति में जीवन यापन करना पड़ रहा था।
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