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'सरकार का निजी स्कूलों पर दावा फेल, एक भी स्कूल ने फीस नहीं लौटाई'; सौरभ भारद्वाज ने भाजपा के खिलाफ खोला मोर्चा

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा विधानसभा में पूछे गए सवालों के जवाब में शिक्षा मंत्री ने स्वयं स्वीकार किया कि पिछले सत्र में मनमाने ढंग से बढ़ाई गई फीस को एक भी स्कूल ने अभिभावकों को नहीं लौटाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने निजी स्कूलों के वित्तीय ऑडिट कराने का ढोल तो पीटा, लेकिन ऑडिट के बावजूद किसी भी स्कूल के खिलाफ न तो जुर्माना लगाया गया और न ही कोई अन्य दंडात्मक कार्रवाई हुई।

सौरभ भारद्वाज, 'आप' नेता

सौरभ भारद्वाज, 'आप' नेता

दिल्ली में निजी स्कूलों की बढ़ी हुई फीस अभिभावकों को वापस दिलाने के भाजपा सरकार के दावों पर आम आदमी पार्टी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि विधानसभा में शिक्षा मंत्री आशीष सूद के लिखित और मौखिक जवाबों से यह साफ हो गया है कि किसी भी निजी स्कूल ने अब तक बढ़ाई गई फीस वापस नहीं की है। उन्होंने इसे भाजपा सरकार और निजी स्कूलों के बीच 'सांठगांठ का खुला सबूत' बताया।

शिक्षा मंत्री ने खुद स्वीकार किया

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा विधानसभा में पूछे गए सवालों के जवाब में शिक्षा मंत्री ने स्वयं स्वीकार किया कि पिछले सत्र में मनमाने ढंग से बढ़ाई गई फीस को एक भी स्कूल ने अभिभावकों को नहीं लौटाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने निजी स्कूलों के वित्तीय ऑडिट कराने का ढोल तो पीटा, लेकिन ऑडिट के बावजूद किसी भी स्कूल के खिलाफ न तो जुर्माना लगाया गया और न ही कोई अन्य दंडात्मक कार्रवाई हुई।

उन्होंने बताया कि शिक्षा मंत्री के अनुसार 1624 निजी स्कूलों का ऑडिट कराया गया है, लेकिन जब यह पूछा गया कि किन स्कूलों में वित्तीय अनियमितताएं या मुनाफाखोरी पाई गई, तो सरकार ने प्रक्रिया जारी है , कहकर जवाब टाल दिया। ऑडिट के आधार पर कारण बताओ नोटिस, जुर्माना या मान्यता रद्द करने जैसी किसी भी कार्रवाई का विवरण भी सरकार नहीं दे सकी।

डीपीएस द्वारका का मामला भी उठाया

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि और भी चौंकाने वाली बात यह है कि अप्रैल 2025 में फीस बढ़ाने वाले निजी स्कूलों की सूची तक सरकार के पास उपलब्ध नहीं है। मंत्री ने लिखित जवाब में स्वीकार किया कि सरकार के पास ऐसा कोई डेटा नहीं है। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार को यह भी जानकारी नहीं है कि किस स्कूल ने कितनी फीस बढ़ाई। उन्होंने डीपीएस द्वारका का मामला उठाते हुए कहा कि बढ़ी हुई फीस न देने पर छात्रों के उत्पीड़न के बावजूद, डीएम की समिति की एफआईआर की सिफारिश पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। विधानसभा में जवाब देते हुए मंत्री ने इसे सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामला बताया, जबकि अदालत की ओर से एफआईआर दर्ज करने पर कोई रोक नहीं है।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इन तथ्यों से यह साफ हो जाता है कि भाजपा सरकार का ऑडिट और फीस वापसी का दावा केवल दिखावा था। न तो एक भी स्कूल पर कार्रवाई हुई और न ही किसी छात्र को राहत मिली, जिससे अभिभावकों में भारी नाराजगी है।

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शिव शुक्ला
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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