उत्तर प्रदेश के संभल में पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन गेमिंग घोटाले का खुलासा किया है, जिसमें ‘जंबो 365’ नामक ऐप के जरिए करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई। यह मामला तब सामने आया जब केंद्र सरकार ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड को रोकने के लिए ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन बिल 2025 लाने की तैयारी कर रही है। संभल पुलिस ने इस रैकेट के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन मास्टरमाइंड अभी दुबई में छिपा हुआ है।
संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के मुताबिक पीड़ित दीनदयाल ने शिकायत की थी कि उनके बैंक खाते में बिना जानकारी के करोड़ों रुपये का लेन-देन हुआ। साइबर सेल की जांच में पता चला कि गैंग गरीब मजदूरों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर मनी लॉन्ड्रिंग कर रहा था। यह रैकेट आइसलैंड के सर्वर से संचालित हो रहा था और दुबई से ऑपरेट किया जा रहा था। हवाला के जरिए पैसा पहले दुबई और फिर भारत भेजा जाता था। पुलिस ने 3 लैपटॉप, 21 मोबाइल और 183 चेकबुक बरामद किए हैं।
पीड़ित दीनदयाल जो मजदूरी का काम करता है उसके अनुसार एक बैंक कर्मचारी ऋषिपाल ने लोन के बहाने उनके दस्तावेज लिए और उसका इस्तेमाल किया, दीनदयाल के खाते में 1.7 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ। वह रोज 400 रुपये की मजदूरी करते हैं। दूसरी पीड़िता मीना ने कहा कि उनके खाते से भी एक करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन हुआ, जिसकी जानकारी उन्हें खाता बंद होने पर मिली।
वकील अनमोल ने बताया कि कई गरीब और अशिक्षित लोगों के खातों का दुरुपयोग किया गया। पुलिस मास्टरमाइंड की तलाश में छापेमारी कर रही है। यह मामला साउथ सुपरस्टार धनुष की फिल्म ‘कुबेरा’ की कहानी से मिलता-जुलता है, जिसमें भिखारियों के खातों का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के लिए दिखाया गया था।
