Rithala Narela Metro Corridor: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की लाइफ लाइन बन चुकी दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) का विस्तारीकरण जारी है। विस्तारीकरण के तहत कई नए-नए शहर जुड़ रहे हैं। विस्तारीकरण योजना में नया अपडेट ये है कि अब हरियाणा के कुंडली-नाथुपुरा तक मेट्रो चलेगी। अब मेट्रो फेज-4 के रिठाला-नरेला कॉरिडोर (Rithala Narela Metro Corridor) को कुंडली-नाथुपुरा तक बढ़ाया जाएगा। दिल्ली सरकार ने इसे सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। जल्द ही इसे केंद्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। केंद्र सरकार की मंजूरी मिलते ही इस पर आगे का काम शुरू कर दिया जाएगा।
पांच कॉरिडोर को मंजूरी
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि नरेला-रिठाला कॉरिडोर का हरियाणा तक विस्तार होने से हजारों लोगों को फायदा मिलेगा। उन्होंने बताया कि मेट्रो फेज-4 के तहत कुल छह कॉरिडोर का निर्माण होना है, जिनमें से अब तक पांच कॉरिडोर को मंजूरी मिल चुकी है। नरेला से रिठाला कॉरिडोर को अभी मंजूरी नहीं मिली है। इसे मंजूरी मिलने का इंतजार है। यह 22 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर है।
हजारों लोगों को मिलेगा फायदा
बता दें कि नरेला से रिठाला कॉरिडोर को विस्तार करके हरियाणा तक ले जाने का प्रस्ताव दिया गया था। विस्तार के फैसले के बाद अब इसे दिल्ली सरकार ने भी अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। अनुमान है कि इस कॉरिडोर के निर्माण होने में चार साल का वक्त लगेगा। इस कॉरिडोर के बन जाने से रोजाना हजारों लोगों को सफर करने में आसानी होगी और उन्हें इसका फायदा मिलेगा। विस्तारीकरण के बाद इसकी लंबाई 26.46 किलोमीटर होगी। इसमें 21 स्टेशन बनेंगे, जिनमें से दो हरियाणा में होंगे और 19 स्टेशन दिल्ली के अंदर बनेंगे।

delhi metro
चौथे फेज में बन रहे कॉरिडोर की स्थिति
| कॉरिडोर | स्टेट्स |
| मुकुंदपुर-मौजपुर | निर्माणाधीन |
| एरोसिटी-तुगलकाबाद | निर्माणाधीन |
| जनकपुरी पश्चिम-आर. के. आश्रम | निर्माणाधीन |
| लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक | मंजूर (निर्माण शुरू नहीं) |
| इन्द्रलोक-इन्द्रप्रस्थ | मंजूर (निर्माण शुरू नहीं) |
| रिठाला-नरेला नाथुपुरा (हरियाणा) | सैद्धांतिक मंजूरी |
चौथे फेज के तहत जुड़ेंगे कई इलाके
आपको बता दें कि दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तहत छह लाइनों वाले रूट को दिल्ली में 2015 में मंजूरी मिली थी। इसकी कुल लंबाई 103.93 किलोमीटर है। इसके बाद इनमें से तीन लाइनों में 45 स्टेशनों के साथ 61.67 किलोमीटर को केंद्र सरकार ने 2019 को निर्माण के लिए मंजूरी दी थी। ये तीन लाइन प्राथमिकता वाले कॉरिडोर के तहत रखे गए थे। इसके बाद अक्टूबर 2020 में गोल्डन लाइन की लंबाई बढ़ाकर 65.1 किलोमीटर कर दी गई थी।
वहीं, इस साल मार्च में केंद्र सरकार ने 20.76 किलोमीटर के दो कॉरिडोर को जोड़ने की मंजूरी दी थी, जिसके बाद फेज 4 की लंबाई 85.86 किलोमीटर हो गई। इसमें परिचालन ग्रीन लाइन का 12.377 किलोमीटर इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ विस्तार और 8.385 किलोमीटर लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक लाइन भी शामिल है।
इस साल के अंत तक खुलेंगे कई कॉरिडोर
अगर फेज-4 के निर्माण की बात करें तो इसकी निविदा प्रक्रिया जून 2019 में शुरू हुई थी। लाइन-8 के विस्तार पर पाइलिंग का काम दिसंबर, 2019 को हैदरपुर-बादली मोर स्टेशन पर शुरू हुआ था। दिसंबर 2020 में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने परियोजना से संबंधित निविदा प्रक्रिया शुरू की। बता दें कि चौथे फेज प्राथमिकता वाले कॉरिडोर 31 दिसंबर तक खुल जाएगा।
