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कश्मीर में एहतियातन लॉकडाउन जैसे हालात, घाटी में बैरिकेडिंग और गश्त तेज; दो दिन स्कूल-कॉलेज बंद

कश्मीर घाटी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त प्रतिबंध लागू किए गए हैं। सभी स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी को दो दिन के लिए बंद कर दिया गया है। वाहनों की आवाजाही भी सीमित कर दी गई है। प्रमुख इलाकों में भारी सुरक्षा बल तैनात है। यह कदम ईरान पर हमलों के बाद बने हालात को देखते हुए उठाया गया है।

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कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त

Photo : IANS

Jammu Kashmir News: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के बीच कश्मीर घाटी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। जिसके तहत पूरे घाटी क्षेत्र में 2 दिनों के लिए स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों को बंद कर दिया गया है। कश्मीर यूनिवर्सिटी ने भी सोमवार और मंगलवार को होने वाली सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। करीब तीन महीने की सर्दियों की छुट्टी के बाद सोमवार से कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल खुलने वाले थे, लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते इन्हें बंद रखने का फैसला लिया गया।

न्यूज एजेंसी IANS के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि यह प्रतिबंध अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद पैदा हुए हालात को देखते हुए उठाए गए हैं, ताकि असामाजिक या राष्ट्रविरोधी तत्वों को लोगों की भावनाओं का गलत फायदा उठाने से रोका जा सके। श्रीनगर के कई इलाकों में अच्छी-खासी शिया मुस्लिम आबादी है, जिसे देखते हुए पुराने शहर और ऊपरी इलाकों में खासतौर पर प्रतिबंध सख्ती से लागू किए गए हैं।

घाटी के सभी जिलों में प्रतिबंध लागू

घाटी के सभी दस जिलों में पाबंदियां लगा दी गई हैं। शहर के प्रमुख इलाकों, खासतौर से लाल चौक में भारी पुलिस और सुरक्षा बल तैनात है और जगह-जगह बैरिकेड्स भी लगाए गए हैं। रविवार को इसी लाल चौक पर हजारों लोगों US-इजराइली एयरस्ट्राइक में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का विरोध करने आए थे। इसके अलावा एक इलाके से दूसरे इलाके में वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया। साथ ही अंतर-जिला सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी आज पूरे दिन बंद रहेंगी। हालांकि श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सामान्य बना हुआ है, लेकिन निजी वाहनों की संख्या काफी कम नजर आ रही है।

लद्दाख प्रशासन भी अलर्ट

लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश का कारगिल जिला भी शिया बहुल क्षेत्र है। ऐसे में लद्दाख प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा एजेंसियां यहां भी हालात पैनी नजर बनाए हुए हैं। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने रविवार को सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए बैठक की अध्यक्षता की। वहीं डीजीपी नलिन प्रभात श्रीनगर जाकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। उपराज्यपाल ने सभी समुदायों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी घटनाक्रम पर चिंता जताई और सभी समुदायों से तनाव व अशांति भड़काने वाले काम से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार, भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर ईरान में मौजूद जम्मू-कश्मीर के नागरिकों और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार संपर्क में है। गौरतलब है कि ईरान में जम्मू-कश्मीर के करीब 1200 छात्र पढ़ रहे हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन सतर्क है।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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