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Republic Day Parade 2026 : बैटल एरे' फॉर्मेट-स्वदेशी हथियारों का होगा शानदार प्रदर्शन, क्या होगी थीम? चीफ गेस्ट होंगे ये टॉप लीडर

साल 2026 गणतंत्र दिवस परेड पारंपरिक मार्चिंग के बजाय परेड में 'बैटल एरे' (रणभूमि व्यूह रचना) का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें सैन्य उपकरणों और हथियारों को वास्तविक युद्ध के क्रम में दिखाया जाएगा। रक्षा सचिव ने बताया कि यह बदलाव सेना की युद्ध क्षमता और तैयारियों को दर्शाएगा।

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गणतंत्र दिवस परेड (फोटो-AI)

नई दिल्ली : रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस साल के गणतंत्र दिवस परेड की पूरी जानकारी दी। 26 जनवरी को होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सला वॉन डेर लेयन मुख्य अतिथि होंगी। यह पहली बार है जब यूरोपीय संघ के दोनों शीर्ष नेता भारत में गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। परेड में यूरोपीय संघ के नौसैनिकों की एक छोटी टुकड़ी भी मार्च पास्ट करेगी, जो भारत-यूरोपीय संघ के मजबूत संबंधों का प्रतीक होगी।

इस साल की परेड का फॉर्मेट काफी नया और अनोखा होगा। पारंपरिक मार्चिंग के बजाय परेड में 'बैटल एरे' (रणभूमि व्यूह रचना) का प्रदर्शन किया जाएगा, जिसमें सैन्य उपकरणों और हथियारों को वास्तविक युद्ध के क्रम में दिखाया जाएगा। रक्षा सचिव ने बताया कि यह बदलाव सेना की युद्ध क्षमता और तैयारियों को दर्शाएगा।

गणतंत्र दिवस की थीम

परेड की मुख्य थीम 'वंदे मातरम' के 150 साल पूरे होने के साथ-साथ 'आत्मनिर्भर भारत' है, इसलिए परेड में ज्यादातर हथियार और सैन्य उपकरण स्वदेशी होंगे। इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, आकाश मिसाइल सिस्टम, मीडियम रेंज सर्फेस टू एयर मिसाइल, सुखोई फाइटर जेट, सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर (एलसीएच) जैसे प्लेटफॉर्म शामिल होंगे।

कितने लोग परेड का करेंगे दीदार

राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों की झांकियां भी 'वंदे मातरम, स्वतंत्रता का मंत्र, और समृद्धि का मंत्र आत्मनिर्भर भारत' की थीम पर आधारित होंगी। कर्तव्य पथ पर होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम में 2,500 कलाकार हिस्सा लेंगे। इस साल आम दर्शकों के लिए अब तक रिकॉर्ड 33 हजार टिकट बेचे जा चुके हैं। कुल 77 हजार लोग परेड देख सकेंगे, जिनमें 10 हजार विशेष अतिथि शामिल हैं। ये विशेष अतिथि स्टार्टअप, सेल्फ हेल्प ग्रुप और अन्य माध्यमों से देश को आत्मनिर्भर बनाने में योगदान देने वाले लोग होंगे।

कर्तव्य पथ पर बने एनक्लोजर (दर्शक क्षेत्र) को देश की विभिन्न नदियों के नाम पर रखा गया है, ताकि आम नागरिकों और वीआईपी के बीच का फर्क कम हो और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा मिले। रक्षा सचिव ने कहा कि यह परेड न केवल उत्सव होगी, बल्कि भारत की सैन्य ताकत, सांस्कृतिक विरासत और आत्मनिर्भरता का शानदार प्रदर्शन होगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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