Nashik News: महाराष्ट्र में एक मशहूर टेक कंपनी की नासिक ब्रांच में महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले ने हाल में बड़ी सुर्खियां बटोरी हैं। कंपनी में काम करने वाली 8 महिलाओं ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि दफ्तर में महिला कर्मचारियों को धमकाया गया, यौन शोषण किया गया और मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया गया। इस मामले में अब तक 9 FIR भी दर्ज हो चुकी हैं। एक महिला सहित 7 लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है, जबकि एक महिला आरोपी फरार बतायी जा रही है। इस बीच TCS ने सभी 150 कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने के आदेश दिए हैं। इधर इसी मामले को मुद्दा बनाते हुए आज यानी गुरुवार 16 अप्रैल को नासिक में रणरागिनी जन आक्रोश बाइक रैली निकाली गई।
इस रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने भी भाग लिया। स्कूटर और मोटरसाइकिल पर सवार महिलाएं भगवा साड़ी पहनकर और भगवा पटका ओढ़कर इस रैली में आई थीं, जबकि पुरुषों ने भी गले में भगवा पटका डाला हुआ था। जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारे लगाते हुए यह रणरागिनी जन आक्रोश बाईक रैली आगे बढ़ी।
आरोपियों के घर पर बुल्डोजर चलाने की मांग
इसी रैली में शामिल BJP विधायक देवयानी फरांडे ने कहा, 'हिंदू लड़कियों पर रोजा रखने और नमाज बढ़ने के लिए दबाव डालना, उनके साथ बलात्कार करना और उनका धर्म परिवर्तन कराना देश के संविधान के खिलाफ है। ऐसा करने वालों की राष्ट्रीयता छीन लेना चाहिए। उन लोगों पर राज-द्रोह का केस लगाया जाना चाहिए और मृत्यु दंड दिया जाना चाहिए। उनकी संपत्ति को सील कर देना चाहिए और उनके घरों पर बुल्डोजर की कार्रवाई की जानी चाहिए।'
ह्यूमन ट्रैफिकिंग के एंगल से हो रही जांच
SID और ATS समेत स्पेशल यूनिट्स ने इस मामले में हाई-लेवल कार्रवाई शुरू कर दी है। एजेंसियां अब आरोपियों से जुड़े एक संदिग्ध इंटरनेशनल फंडिंग ट्रेल को भी ट्रैक कर रही हैं। जांचकर्ता फर्म के रेडिकल एक्सट्रीमिस्ट संगठनों के लिए एक फ्रंट के तौर पर संभावित रोल की जांच कर रहे। इस मामले में जांच का दायरा बढ़ाकर संभावित ह्यूमन ट्रैफिकिंग के आरोपों के साथ-साथ जबरन धर्म परिवर्तन को भी शामिल किया गया है।
NIA और ATS भी जांच में शामिल
नासिक पुलिस ने बड़े नेशनल सिक्योरिटी खतरों की जांच के लिए इस मामले में आधिकारिक तौर पर NIA और ATS को भी शामिल कर लिया है। बाहरी हैंडलर्स और छिपे हुए फाइनेंशियल लिंक्स की पहचान करने के लिए पैरेलल ऑपरेशन चल रहे हैं। जांच अधिकारी इस बात की भी जांच कर रहे हैं कि कहीं इस मामले के संदिग्ध, ग्लोबल रेडिकल नेटवर्क के इशारे पर तो काम नहीं कर रहे थे।
