राँची

Bird Flu: झारखंड को बर्ड फ्लू ने डराया! रांची के बाद बोकारो में सामने आए मामले

Bird Flu Cases in Jharkhand: झारखंड में बर्ड फ्लू के मामले ने लोगों को डरा दिया है। रांची के बाद बोकारो में बर्ड फ्लू के मामले सामने आए हैं। बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए कहे जाने के बाद बोकारो प्रशासन ने शनिवार को 46 पक्षियों को मार दिया और 506 अंडों को नष्ट कर दिया।

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बर्ड फ्लू का खतरा। (फाइल फोटो)

Jharkhand News: झारखंड के रांची में बर्ड फ्लू के कारण 5,500 पक्षियों के वध के लगभग एक माह बाद बोकारो जिले में इस संक्रमण के मामले सामने आए हैं। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि इस संक्रमण की आधिकारिक पुष्टि सात मार्च को हुई जब केंद्र ने झारखंड के मुख्य सचिव को एक पत्र जारी किया।

पहले ही करीब 250 पक्षियों की हो चुकी है मौत

बोकारो के सेक्टर-12 में एक सरकारी कुक्कुट केन्द्र में इस संक्रमण का पता लगा है जहां पहले ही लगभग 250 पक्षियों की मौत हो चुकी है। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन मंत्रालय द्वारा राज्य को बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए कहे जाने के बाद बोकारो प्रशासन ने शनिवार को 46 पक्षियों को मार दिया और 506 अंडों को नष्ट कर दिया।

इसके अलाव संक्रमित और निगरानी क्षेत्र घोषित करना, प्रभावित परिसरों में प्रवेश प्रतिबंधित करना, जैसे कदम भी उठाए गए हैं। बोकारो पशुपालन अधिकारी डॉ. मनोज मणि ने बताया, 'कुक्कुट केन्द्र के 46 पक्षियों को मार दिया गया और 506 अंडे तथा पक्षियों का 1,717 किलोग्राम आहार नष्ट कर दिया गया। पूरे केन्द्र को कीटाणुमुक्त किया गया है।' उन्होंने कहा कि एक किलोमीटर के दायरे को प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया है और इस दायरे में सभी पक्षियों का वध किया जाएगा।

भोपाल स्थित प्रयोगशाला में भेजे गए हैं नमूने

मणि ने कहा, 'इसके अलावा, 10 किलोमीटर के दायरे को निगरानी क्षेत्र की श्रेणी में रखा गया है जहां कुक्कुट उत्पाद की बिक्री और खरीद पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। आज से जागरुकता अभियान शुरू होगा।' सरकारी कुल्कुट केन्द्र के प्रभारी डॉ. अनिल कुमार सिन्हा ने बताया कि पक्षियों की मौत की पहली घटना 20 फरवरी को हुई ।

उन्होंने कहा, '23 फरवरी को 12 पक्षियों की मौत हुई थी और हमने शुरुआती नमूने 25 फरवरी को रांची और 27 फरवरी को कोलकाता भेजे थे। कोलकाता स्थित प्रयोगशाला के निर्देशों के बाद हमने पांच मार्च को नमूने भोपाल स्थित प्रयोगशाला में भेजे।' भोपाल स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद -राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान (एनआईएचएसएडी) ने सात मार्च को एच5एन1 संक्रमण की पुष्टि की। सिन्हा ने बताया कि केन्द्र में मौजूद 300 पक्षियों में से करीब 250 की मौत 15 दिनों के भीतर हुई।

इससे पहले फरवरी में रांची के बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के एक कुक्कुट केन्द्र में बर्ड फ्लू के मामले सामने आए थे जिसके बाद 5,488 पक्षियों का वध किया गया था।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हा author

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रक... और देखें

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