राँची

Jamshedpur: MGM मेडिकल कॉलेज का छज्जा गिरा, हादसे में तीन की मौत, विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

Jamshedpur: झारखंड के जमशेदपुर में एमजीएम मेडिकल कॉलेज का छत गिरने की खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह हादसे शनिवार देर रात हुआ। कॉलेज का छज्जे की हालत जर्जर थी। हादसे के बाद मौके पर पहुंची एनडीआरएफ टीम ने मलबे में दबे लोगों को बचाने का कार्य शुरू किया। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है। एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है।

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MGM मेडिकल कॉलेज का छज्जा ढहा

Jamshedpur: झारखंड के जमशेदपुर में एक बड़ा हादसा हो गया है। बताया जा रहा है कि महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में मेडिसिन डिपार्टमेंट के कॉरिडोर का छज्जा गिरा है। इस हादसे में तीन की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाते हुए एनडीआरएफ ने मलबे में दबे लोगों को निकाला। मलबे से लोगों को निकालने काम रात एक बजे तक चलता रहा।

हादसे का शिकार हुए लोगों के लिए मुआवजे का ऐलान

झारखंड सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए के मुआवजे और घायलों को 50-50 हजार की सहायता राशि देने का ऐलान किया गया है। हादसे में मरने वालों की पहचान साकची निवासी 73 वर्षीय डेविड जॉनसन, 61 वर्षीय लुकास साइमन तिर्की और सरायकेला निवासी 65 वर्षीय श्रीचंद तांती के रूप में हुई है। जिन दो लोगों का रेस्क्यू किया गया है, उनमें रेणुका देवी और सुनील कुमार शामिल हैं। इनमें रेणुका देवी की हालत गंभीर बताई जा रही है।

बताया गया कि हॉस्पिटल के तीसरे तल्ले पर स्थित मेडिसिन वार्ड का जर्जर छज्जा अचानक ढह गया। तेज आवाज के साथ मलबा बिखरा तो वार्ड में कोहराम मच गया। वहां मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे। वार्ड के बरामदे में सोए पांच लोग मलबे में दब गए। करीब आधे घंटे बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंचने के बाद मलबे में दबे लोगों को निकालने का काम शुरू हो पाया। दो लोगों के शव रात करीब नौ बजे निकाले गए, जबकि तीसरे मृतक का शव रात एक बजे एनडीआरएफ की मदद से निकाला जा सका। इस घटना के बाद प्रदेश सरकार ने हादसे की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है

सीएम ने मृतकों परिजनों के प्रति संवेदना जताई

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी रात करीब साढ़े ग्यारह बजे मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हादसे में मरने वालों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी। इस घटना को लेकर मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल प्रबंधन, बिल्डिंग के रखरखाव की जिम्मेदारी वाले भवन निर्माण विभाग से लेकर सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

लोगों का कहना है कि पूरा मैनेजमेंट हॉस्पिटल भवन की जर्जर स्थिति से जानबूझकर बेखबर बना रहा। विपक्षी दलों के नेताओं ने हादसे के लिए सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि निर्दोष लोगों की मौत सरकार की लापरवाही के कारण हुई है। झारखंड में मुख्यमंत्री हों या मंत्री, सभी बयानवीर हैं। कम से कम अब तो सरकार जागे और एमजीएम जैसी दुखद घटना की पुनरावृति न हो, इसे सुनिश्चित करे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच कर हादसे के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं को शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

(इनपुट - आईएएनएस)

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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