राँची

जामताड़ा के साइबर ठगों को कोर्ट ने दी 5-5 साल की सजा, इन दोषियों पर बन चुकी है वेब सीरीज

रांची में पीएमएलए कोर्ट ने जामताड़ा के पांच साइबर क्रिमिनल को पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही इन सभी पर 2.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इन्हीं साइबर ठगों जामताड़ा वेब सीरीज बनी है।

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साइबर ठगों को 5 साल की सजा (सांकेतिक फोटो)

KEY HIGHLIGHTS
  • साइबर ठगों को मनी लॉन्ड्रिंग केस में पांच साल की सजा
  • सभी दोषियों पर 2.50 लाख रुपए का जुर्माना लगा
  • जुर्माने नहीं देने पर दोषियों को काटनी होगी अतिरिक्त सजा

Jamtara Cyber Crime: रांची स्थित पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) कोर्ट ने जामताड़ा के पांच साइबर क्रिमिनल को मनी लॉन्ड्रिंग केस में पांच साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है, जिन्हें सजा सुनाई गई है, उनमें गणेश मंडल एवं उसका पुत्र प्रदीप मंडल, संतोष मंडल एवं उसका पुत्र पिंटू मंडल और अंकुश कुमार मंडल शामिल हैं। सभी जामताड़ा के नारायणपुर थाना क्षेत्र के मिरगा गांव के रहने वाले हैं। कोर्ट ने इन सभी पर 2.50 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोषियों को अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

जामताड़ा वेब सीरीज

पीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पीके शर्मा की अदालत ने इन सभी को 20 जुलाई को दोषी करार दिया था। उसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया था। बताया जाता है कि चर्चित वेब सीरीज 'जामताड़ा' इन्हीं साइबर क्रिमिनल्स की कहानी पर बनी थी। वेब सीरीज में प्रदीप मंडल और उसके अलग-अलग साथियों के नाम का उल्लेख था।

2015 में दर्ज हुआ मामला

इनके खिलाफ जामताड़ा जिले के नारायणपुर थाने में 29 दिसंबर 2015 को मामला दर्ज हुआ था। उन पर बैंक प्रबंधक व बैंक अधिकारी बनकर लोगों को कॉल कर उनके बैंक खाते का ब्योरा हासिल करने और उनके खाते से अवैध निकासी का आरोप लगा था। जामताड़ा पुलिस ने जांच के बाद 22 जुलाई 2016 चार्जशीट पेश किया था। इसी एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत वर्ष 2019 में इंफोर्समेंट केस इन्फार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज किया था।

ईडी ने अपनी जांच में पाया था कि आरोपी प्रदीप कुमार मंडल, पिंटू मंडल, अंकुश कुमार मंडल और अन्य ने साइबर अपराध से 65.99 लाख रुपए की चल-अचल संपत्ति अर्जित की। उन्होंने अपराध की आय से नया घर बनाया, जमीन खरीदी, वाहन खरीदे। इन सभी चल-अचल संपत्तियों को ईडी ने 10 मार्च 2021 को अस्थायी रूप से जब्त किया था। इस मामले में ट्रायल के दौरान ईडी की ओर से विशेष लोक अभियोजक अतीश कुमार ने 24 गवाहों को प्रस्तुत किया था, इसके आधार पर कोर्ट ने पांचों को दोषी करार दिया।

इनपुट - IANS

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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