राँची

साहिबगंज के खेत में चमत्कार; धरती के गर्भ से निकली मां काली की प्राचीन मूर्ति, गांव में दौड़ी आस्था की लहर

झारखंड के साहिबगंज जिले में खेत की खुदाई के दौरान एक प्राचीन मूर्ति मिलने से इलाके में आस्था की लहर दौड़ गई है। यह मूर्ति मां काली जैसी प्रतीत होती है, जिसे ग्रामीण देवी चामुंडा का रूप मानकर पूजा कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रतिमा लगभग 1200 से 1300 साल पुरानी ऐतिहासिक धरोहर हो सकती है।

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खेत में मिली मां काली की प्राचीन मूर्ति

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Ancient Idol of Goddess Kali: झारखंड के साहिबगंज जिले से एक चौंकाने वाला और आस्था से जुड़ा मामला सामने आया है। बरहरवा प्रखंड के बेलडांगा कमालपुर गांव के पास खेत की खुदाई के दौरान जमीन के भीतर से मां काली जैसी एक प्राचीन प्रतिमा मिली है। इस प्रतिमा की खोज होते ही पूरे इलाके में आस्था की लहर दौड़ गई और इसे देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटने लगी। आसपास मौजूदा लोगों ने बताया कि, खुदाई के दौरान जब फावड़ा एक कठोर वस्तु से टकराया, तो मिट्टी हटाने पर एक आकृति नजर आई।

थोड़ी सफाई करने के बाद यह साफ हुआ कि यह प्रतिमा देवी काली जैसी दिखने वाली एक मूर्ति है। ग्रामीणों ने इसे देवी चामुंडा का रूप मानते हुए पूजा-अर्चना शुरू कर दी है। अब यह मूर्ति केवल एक ऐतिहासिक खोज नहीं, बल्कि गांव वालों और पूरे क्षेत्र के लिए आस्था और चमत्कार का प्रतीक बन चुकी है। इस प्रतिमा को लेकर भूविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने जो जानकारी दी, वह और भी महत्वपूर्ण है। डॉ. सिंह के अनुसार, यह प्रतिमा देवी दुर्गा के उग्र रूप, मां चामुंडा की प्रतीक है और संभवतः पाल वंश काल की है।

1200 से 1300 साल पुरानी प्रतिमा

उनका अनुमान है कि यह मूर्ति लगभग 1200 से 1300 साल पुरानी हो सकती है, यानी यह 8वीं शताब्दी की ऐतिहासिक धरोहर है। फिलहाल यह प्रतिमा ग्रामीण श्रद्धा का केंद्र बनी हुई है, लेकिन अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन इसकी ऐतिहासिकता और संरक्षण को लेकर कोई ठोस कदम उठाएगा? और क्या पुरातत्व विभाग इस मूर्ति की विधिवत जांच करेगा? यह देखना अभी बाकी है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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