अयोध्या के नव्य मंदिर में रामलला मंदिर चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि, जिसे हम प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव यानी राम नवमी के रूप में मनाते हैं, उस पावन अवसर पर आज अयोध्या में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा है। ठीक 12 बजे रामलला का सूर्य तिलक हुआ। राम नवमी का सबसे बड़ा आकर्षण दोपहर 12:00 बजे होने वाला 'सूर्य तिलक' रहा। भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए दर्पणों और लेंसों के एक विशेष सिस्टम के जरिए सूर्य की किरणें सीधे रामलला के मस्तक पर पड़ीं। करीब 4 मिनट तक प्रभु के ललाट पर सूर्य की रोशनी चमकती रही, जिसे देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। इस अद्भुत दृश्य का दूरदर्शन पर सीधा प्रसारण किया गया और अयोध्या की गलियों में लगी बड़ी एलईडी स्क्रीनों पर भी इसे दिखाया गया, ताकि मंदिर के बाहर मौजूद भक्त भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बन सकें।

करीब चार मिनट तक माथे पर रहा सूर्य तिलक
भक्ति और सुरक्षा का अनूठा संगम
राम मंदिर के कपाट खुलते ही आज सुबह से ही श्रद्धालुओं की किलोमीटर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सुरक्षा की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार स्वयं मोर्चे पर डटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को विभिन्न जोन और सेक्टरों में बांटा गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है और आसमान से ड्रोन व जमीन पर CCTV कैमरों के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। सरयू घाटों पर जल पुलिस और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं ताकि स्नान के दौरान कोई अनहोनी न हो।
राम नवमी का है खास महत्व
राम नवमी का दिन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की गहरी आस्था का प्रतीक है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने राम के रूप में अवतार लिया था। नौ दिनों तक मां शक्ति की उपासना करने के बाद भक्त आज प्रभु राम की आराधना में लीन हैं। अयोध्या के अलावा देशभर के मंदिरों में आज विशेष अनुष्ठान और प्रार्थनाएं की जा रही हैं।
शांति बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश
जहाँ एक ओर अयोध्या में उत्सव का माहौल है, वहीं दूसरी ओर देश के अन्य हिस्सों में प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। पश्चिम बंगाल में राम नवमी के जुलूसों को लेकर पुलिस ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बिष्णुगढ़ के एसडीपीओ विद्यासागर अजिंक्य अनंत ने स्पष्ट किया है कि किसी भी शोभायात्रा में हथियार ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पुलिस ने आयोजकों के साथ बैठक कर यह साफ कर दिया है कि यदि कोई नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और मामला दर्ज किया जाएगा।
