प्रयागराज : बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के पूर्व विधायक राजू पाल हत्याकांड में दोषी करार दिए गए आरोपी आबिद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिली है। अदालत ने उसकी सजा पर फिलहाल रोक लगाते हुए अपील के अंतिम निस्तारण तक जमानत दे दी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने कहा कि वर्ष 2024 से लंबित आपराधिक अपील पर निकट भविष्य में सुनवाई होने की संभावना नहीं है। ऐसे में अंतिम फैसला आने तक आरोपी को जमानत पर रिहा किया जा सकता है।
आबिद की ओर से अदालत में दलील दी गई कि उसका नाम मूल एफआईआर में शामिल नहीं था। उसके खिलाफ कार्रवाई केवल सह-आरोपियों के बयानों के आधार पर शुरू की गई। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि मामले में कभी टेस्ट आइडेंटिफिकेशन परेड (TIP) नहीं कराई गई और न ही उसके कब्जे से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई।
29 मई को पारित आदेश में हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी का नाम एफआईआर में नहीं था और उसका नाम केवल सह-आरोपियों के बयानों के आधार पर सामने आया। इन परिस्थितियों को देखते हुए उसे अपील लंबित रहने तक जमानत का लाभ दिया जाना उचित है।
गौरतलब है कि प्रयागराज पश्चिम विधानसभा सीट के उपचुनाव में अतीक अहमद के भाई अशरफ अहमद को हराने के बाद राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते 25 जनवरी 2005 को राजू पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह मामला उत्तर प्रदेश के चर्चित राजनीतिक हत्याकांडों में शामिल रहा है।
