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बुर्के में पुलिस, 48 घंटे में किडनैपर्स का क्लीन स्वीप; 1.5 करोड़ फिरौती केस में धांसू खुलासा

राजस्थान की चुरू पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार करने के लिए बुर्के का सहारा लिया। महज 48 घंटों तक चली कार्रवाई में पुलिस कई और जतन कर आरोपियों को धर दबोचा।

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राजस्थान पुलिस का बुर्का ऑपरेशन

चूरू : राजस्थान पुलिस ने एक बार फिर अपनी सूझबूझ और तत्परता का शानदार उदाहरण पेश किया है, जहां 1.5 करोड़ की फिरौती के लिए हुए अपहरण कांड का महज 48 घंटे में खुलासा कर दिया। हैरानी की बात यह है कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस को बुर्का पहनकर ऑपरेशन करना पड़ा।

मामला रतननगर क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां 55 वर्षीय रुक्मानंद का उस वक्त अपहरण कर लिया गया, जब वह सब्जी की दुकान से घर लौट रहे थे। घटना के कुछ घंटे बाद बदमाशों ने परिजनों से डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती मांगी, जिससे परिवार के लोग घबरा गए। अपहरणकर्ताओं के धमकी के बावजूद परिजनों ने पुलिस में जाकर शिकायत दर्ज कराई।

150 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी निश्चय प्रसाद के निर्देशन में पुलिस की विशेष टीम गठित की गई, जिसमें डीएसटी, कोतवाली, रतननगर थाना और साइबर टीम को शामिल किया गया। लगातार 48 घंटे तक चली कार्रवाई में पुलिस ने 150 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन हरियाणा में ट्रेस की।

बुर्का पहनकर दबिश दी

इसके बाद पुलिस ने बेहद सूझबूझ दिखाते हुए बुर्का पहनकर दबिश दी, ताकि आरोपियों को किसी तरह का शक न हो। थोड़े समय बाद हरियाणा में घेराबंदी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने अपहृत रुक्मानंद को सकुशल बरामद कर परिजनों को राहत की सूचना दी। पुलिस के आश्वस्त करने के बाद परिजनों ने खाकी का आभार जताया और उनके तरीके की दाद दी।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में रामगढ़ निवासी मनोज व्यास और इंदौर निवासी आशीष पांचाल शामिल हैं। उन्होंने वारदात को अंजाम क्यों दिया इस बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस टीम की मुस्तैदी और रणनीति की जिलेभर में सराहना हो रही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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