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8वें वेतन आयोग में दोगुनी हो सकती है बेसिक सैलरी, जानें कुल वेतन कितना बढ़ेगा?

नए वेतन लागू होने पर सरकारी कर्मचारियों औ पेंशनर्स की सैलरी व वेतन में बड़ी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। हालांकि, अभी प्रक्रिया पूरा होने में लंबा वक्त लग सकता है।

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8वां वेतन आयोग

देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारी नए वेतन आयोग लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बीच 8वां वेतन आयोग आज से मुंबई में कर्मचारी संगठनों, संस्थानों, संघों और केंद्र सरकार के कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ दो दिवसीय परामर्श बैठक करेगा। इस बीच, केंद्रीय कर्मचारी जुलाई 2026 के लिए महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। यह इस साल DA में होने वाला दूसरा संशोधन होगा। कर्मचारियों की नजर इस बात पर भी है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर के जरिए मूल वेतन में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है और इसका कुल वेतन पर कितना असर पड़ेगा।

DA, HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस का क्या असर?

अगर मान लें कि 8वें वेतन आयोग अपनी सिफारिश में सरकार को फिटमेंट फैक्टर 2 रखने की सलाह दे। अगर ऐसा हुआ तो बेसिक पे दोगुना हो जाएगा। हालांकि, ग्रॉस सैलरी में होने वाली बढ़ोतरी इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस और सैलरी के अन्य हिस्सों में किस तरह बदलाव करती है।

बेसिक पे किसी कर्मचारी के वेतन का मुख्य हिस्सा होता है। वहीं, ग्रॉस सैलरी में बेसिक पे और लागू होने वाले भत्ते शामिल होते हैं। इसमें से पेंशन योगदान, टैक्स और प्रोफेशनल टैक्स जैसी कटौतियां शामिल की जाती हैं।

भत्तों में क्या बदलाव आएंगे?

मान लीजिए कि केंद्र सरकार का लेवल 1 का कोई कर्मचारी 'X' श्रेणी के शहर में तैनात है। उसकी बेसिक पे (मूल वेतन) नौकरी शुरू करते समय 18,000 रुपये थी, जो अब बढ़कर 21,700 रुपये हो गई है। ऐसे में, उसकी ग्रॉस सैलरी (कुल वेतन) निकालने के लिए बेसिक पे का 60% DA और 30% HRA जोड़ा जा सकता है। इसके अलावा, कुल ग्रॉस कमाई का अनुमान लगाने के लिए आप इसमें लागू ट्रांसपोर्ट अलाउंस (यातायात भत्ता) और अन्य पात्र घटकों को भी जोड़ सकते हैं।

इस तरह तय होती है ग्रॉस सैलरी

8वें CPC के तहत सैलरी की गणना करते समय, DA, HRA और अन्य भत्तों को मिलाकर ग्रॉस सैलरी बनाई जाती है। इसके बाद DA को फिर से 0% पर सेट कर दिया जाता है, जबकि HRA और ट्रैवल अलाउंस जैसे भत्ते शहर के आधार दर के अनुसार तय होते हैं। केंद्र सरकार जिस तरह से कर्मचारियों की बेसिक पे में संशोधन करती है, उसमें एक और पेंच है। अगर 8वां CPC 2.0 का 'फिटमेंट फैक्टर' सुझाता है, तो उसी कर्मचारी की संशोधित बेसिक पे 43,400 रुपये होगी (अगर केंद्र सरकार गणना के लिए मौजूदा 21,700 रुपये की बेसिक पे का इस्तेमाल करती है)।

लेकिन, अगर केंद्र सरकार कर्मचारी की शुरुआती (जॉइनिंग के समय की) 18,000 रुपये की बेसिक पे को आधार मानती है, तो संशोधित बेसिक पे 36,000 रुपये होगी। नए वेतन ढांचे के तहत, DA को बेसिक पे में मिलाने के बाद उसे फिर से शून्य (0) पर सेट किए जाने की उम्मीद है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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