Independence Day 2026: देशभर में 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। इसी बीच, जयपुर का भाजपा कार्यालय सुर्खियों में आ गया। दरअसल, भाजपा कार्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
वंदे मातरम् की गलत धुन बजी
ध्वजारोहण कार्यक्रम के बाद वंदे मातरम् की गलत धुन बज गई। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई। हालांकि, घटना के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने माफी मांगी और इसे तकनीकी एवं मानवीय भूल बताया।
कहां आयोजित हुआ कार्यक्रम
भाजपा ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जयपुर के बड़ी चौपड़ में कार्यक्रम आयोजित किया था। प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने मंच से राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद मूल संस्करण में वंदे मातरम् बजाया जाना था, लेकिन साउंड सिस्टम पर अलग संगीत के साथ वंदे मातरम् बज गया।
कार्यक्रम में जयपुर सांसद मंजू शर्मा, विधायक बालमुकुंद आचार्य समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। आयोजकों ने तत्काल गलती को सुधारने की कोशिश की, लेकिन तब तक समारोह में मौजूद लोगों और कैमरों में यह घटना रिकॉर्ड हो चुकी थी।
बाद में मदन राठौड़ ने मीडिया से बातचीत में इस गलती के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की व्यवस्थाएं संभालने वाली टीम की ओर से तकनीकी और मानवीय भूल हुई। राठौड़ ने कहा कि ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी और इसके लिए वह माफी मांगते हैं।
लाल किले पर पहली बार गूंजा वंदे मातरम्
इस बीच, स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लाल किले के परिसर में वंदे मातरम् के सभी छह अंतरों का गायन किया गया। इसके बाद राष्ट्रगान हुआ। इस आयोजन के जरिए राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' की 150 साल की विरासत को भी याद किया गया।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: 'देश में तीन तरह के तानाशाह', मोदी सरकार पर बरसे कपिल सिब्बल, बोले- सरकार महिला आरक्षण क्यों नहीं कर रही लागू
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को देशभक्ति की भावना और बहुस्तरीय सुरक्षा के बीच यहां लालकिला परिसर में 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया। इस अवसर पर सेना के एक बैंड ने 'वंदे मातरम्' की धुन बजाई। इसके बाद प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और फिर राष्ट्रगान गाया गया।
राष्ट्रगान की प्रस्तुति 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के गनर द्वारा स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन का उपयोग करते हुए 21 तोपों की सलामी के साथ तालमेल बिठाकर की गई। प्राचीर पर फूलों की सजावट के केंद्र में राष्ट्रीय ध्वज को दर्शाया गया, जिसके चारों ओर हिंदी में 'वंदे मातरम' लिखा था।
ध्वजारोहण के बाद तिरंगे को 'राष्ट्रीय सलामी' दी गई। इसके बाद भारतीय वायुसेना के दो एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने कार्यक्रम स्थल पर फूलों की पंखुड़ियों की वर्षा की जिनमें से एक पर राष्ट्रीय ध्वज लगा था और दूसरे पर 'वंदे मातरम्' को दर्शाने वाला झंडा था।
