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कोटा में फिर बुझा एक सपना, JEE अभ्यर्थी आर्यन ओझा ने फंदा लगाकर की आत्महत्या

Student Suicide: मृतक छात्र आर्यन ओझा उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले का रहने वाला था। वह पिछले करीब तीन सालों से कोटा में रहकर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा यानी जेईई (JEE) की तैयारी कर रहा था।

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कोटा में फिर बुझा एक सपना, JEE अभ्यर्थी आर्यन ओझा ने फंदा लगाकर की आत्महत्या

Kota Student Case: देश की कोचिंग नगरी कहे जाने वाले राजस्थान के कोटा में एक बार फिर एक छात्र की मौत ने सबको झकझोर कर रख दिया है। जवाहर नगर थाना क्षेत्र के ओल्ड राजीव गांधी नगर स्थित एक पीजी में उत्तर प्रदेश के 17 वर्षीय छात्र आर्यन ओझा का शव फंदे से लटका मिला है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि परीक्षाओं के भारी दबाव के चलते छात्र ने यह आत्मघाती कदम उठाया है।

दीवार की ग्रिल से लटका मिला शव

पुलिस के मुताबिक, मृतक छात्र आर्यन ओझा उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले का रहने वाला था। वह पिछले करीब तीन सालों से कोटा में रहकर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा यानी जेईई (JEE) की तैयारी कर रहा था। इसी साल फरवरी महीने में वह ओल्ड राजीव गांधी नगर के इस पीजी में रहने आया था। घटना वाले दिन जब काफी देर तक उसके कमरे में कोई हलचल नहीं हुई, तो मामले का पता चला। आर्यन का शव कमरे में दीवार पर लगी लोहे की ग्रिल से लटका हुआ था।

मौके पर पहुंचे बड़े अधिकारी, जांच जारी

घटना की सूचना मिलते ही जवाहर नगर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और छात्र को फंदे से उतारकर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को एमबीएस (MBS) अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी एसपी (DySP) योगेश शर्मा और जवाहर नगर थाने के ड्यूटी ऑफिसर जवाहर लाल ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने छात्र के परिजनों को सूचित कर दिया है, उनके कोटा पहुंचने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

साथी भी हैरान, मानसिक दबाव की आशंका

आर्यन के साथ पढ़ने वाले छात्रों और पीजी के दोस्तों ने बताया कि वह काफी समय से कड़ी मेहनत कर रहा था, लेकिन अंदर ही अंदर किसी तनाव में था या नहीं, इस बात का अंदाजा किसी को नहीं था। पुलिस को मौके से अभी तक कोई सुसाइड नोट मिलने की पुष्टि नहीं हुई है, जिसके कारण आत्महत्या के असली वजहों का खुलासा होना बाकी है। पुलिस फिलहाल मानसिक तनाव, पढ़ाई का दबाव और अन्य सभी कोणों से मामले की जांच कर रही है।

कोटा में लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले एक बार फिर देश की शिक्षा प्रणाली, बच्चों पर बढ़ते कंपटीशन के बोझ और उनके मानसिक स्वास्थ्य की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े करते हैं।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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