Rajasthan Minister Gautam Dak FIR: राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार के सहकारिता मंत्री गौतम दक की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। खाकी वर्दी पर रौब झाड़ने और सरेआम बदसलूकी करने के मामले में अब मंत्री जी के खिलाफ आधिकारिक तौर पर एफआईआर (FIR) दर्ज हो गई है। यह मुकदमा चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला थाने के एसएचओ (SHO) शैतान सिंह की तहरीर पर दर्ज किया गया है। मंत्री के खिलाफ मामला दर्ज होते ही राजस्थान के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला और SHO की शिकायत?
डूंगला थाने के एसएचओ शैतान सिंह द्वारा दी गई लिखित शिकायत के अनुसार, यह पूरी घटना बीती 25 मई की दोपहर की है। शिकायत में कहा गया है कि मंत्री गौतम दक अचानक डूंगला थाने पहुंचे और उन्होंने फोन करके एसएचओ को थाने के बाहर बुलाया।
एसएचओ के बाहर आने पर मंत्री ने वहां ड्यूटी पर तैनात कांस्टेबल लक्ष्मी नारायण और विष्णु कुमार को भी मौके पर बुला लिया। आरोप है कि इसके बाद मंत्री ने बिना किसी बात को सुने या समझे, सीधे तौर पर पुलिसकर्मियों के साथ बेहद गंदी और अभद्र भाषा में गाली-गलौज करना शुरू कर दिया।
नौकरी छीनने की धमकी और मारपीट की कोशिश
दर्ज एफआईआर के मुताबिक, मंत्री गौतम दक पर निम्नलिखित गंभीर आरोप लगे हैं:
-ऑन-ड्यूटी पुलिसकर्मियों के साथ सरेआम गाली-गलौज और बदसलूकी करना।
-पुलिस महकमे को सार्वजनिक रूप से बेइज्जत करना और सरकारी कार्य में बाधा डालना।
-मंत्री पद का रौब दिखाते हुए डराने-धमकाने, तत्काल ट्रांसफर कराने और नौकरी से सस्पेंड कराने (नौकरी छीनने) की धमकी देना।
-आवेश में आकर पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने की कोशिश करना।
मानसिक तनाव और अवसाद में था, इसलिए रिपोर्ट में हुई देरी
जब एसएचओ शैतान सिंह से रिपोर्ट देर से दर्ज कराने का कारण पूछा गया, तो उन्होंने अपनी शिकायत में साफ कहा कि मंत्री द्वारा सरेआम किए गए इस दुर्व्यवहार और गंभीर धमकियों के कारण वह गहरे मानसिक तनाव (Mental Stress) में आ गए थे। वह पिछले कई दिनों से अवसाद (Depression) की स्थिति में थे। खुद को संभालने और हिम्मत जुटाने के बाद उन्होंने अब इस मामले की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मंत्री की सफाई: 'ऑडियो नकली है, मेरी आवाज नहीं'
दूसरी तरफ, मामला गरमाता देख आरोपी मंत्री गौतम दक ने कल ही महज 12 सेकंड का एक वीडियो बयान जारी कर अपनी सफाई पेश की थी। मंत्री ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा था कि, 'सोशल मीडिया पर जो ऑडियो वायरल हो रहा है, उसे आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके साजिश के तहत तैयार किया गया है। इस ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज मेरी नहीं है।' हालांकि, अब सीधे थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद मंत्री बैकफुट पर हैं।
