Raebareli Cyber Fraud Case: हाल ही में रायबरेली में एक रिटायर्ड सूबेदार से 82 लाख 50 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान अभिजीत सिंह जाटव के रूप में हुई है, जो उत्तराखंड का निवासी बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, साइबर ठगों ने दंपति को करीब छह दिनों तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर मानसिक दबाव में रखा और इसी दौरान उनसे भारी रकम वसूली। हालत इतनी गंभीर थी कि पीड़ितों को शौचालय जाने तक के लिए वीडियो कॉल चालू रखने की धमकी दी जाती थी।
36 लाख 90 हजार रुपये को फ्रीज करवाए
पीड़ितों की शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 36 लाख 90 हजार रुपये को फ्रीज करवा दिए। इस पूरे मामले में एसपी के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई थी, जिसने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। सीओ सिटी अरुण कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए पूरे मामले का खुलासा किया और बताया कि जांच अभी जारी है, साथ ही अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।
सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताया
गौरतलब है कि, ठगों ने खुद को किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर दंपति को डराया और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाया। इसी दबाव में आकर पीड़ितों ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 82.50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। छह दिन बाद दंपति ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद मामला सामने आया। शुरुआती जांच में पता चला है कि रकम नोएडा स्थित इंडसइंड बैंक और पश्चिम बंगाल के बैरकपुर में यस बैंक की शाखाओं के खातों में भेजी गई थी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल या दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि भारतीय कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए ऐसे किसी भी दावे पर तुरंत सतर्क रहें और पुलिस को सूचना दें।
