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Pune News: शुरू होगा अम्बेगांव का कचरा प्रसंस्करण संयंत्र, दूर होगी गावों की गंदगी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 22, 2023, 05:21 PM IST

Pune Crime News: पुणे के अम्बेगांव बुद्रुक में मौजूद ठोस कचरा प्रसंस्करण संयंत्र को जल्द शुरू किया जाएगा। इस संयंत्र को शुरू करने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने आदेश दिए हैं। आदेश के मुताबिक, पीएमसी को प्लांट चलाने के लिए महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) को 12 लाख रुपये देने होंगे।

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अम्बेगांव बुद्रुक का ठोस कचरा प्रसंस्करण संयंत्र शुरू होगा (फाइल फोटो)

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • अम्बेगांव बुद्रुक ठोस कचरा प्रसंस्करण संयंत्र जल्द शुरू होगा
  • नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से दिए गए आदेश
  • एमपीसीबी को इसके लिए 12 लाख रुपये देने होंगे


Pune Crime News: पुणे के अम्बेगांव बुद्रुक में काफी गंदगी देखने को मिलती रहती है। इसको लेकर स्थानीय लोग कई बार पुणे नगरपालिका में शिकायत भी दर्ज करवा चुके हैं। हालांकि इसको लेकर नगरपालिका की ओर से कोई खास व्यवस्था नहीं की गई, लेकिन अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से निर्देश देने के बाद पुणे नगरपालिका आयुक्त ने स्थायी समिति के समक्ष अम्बेगांव बुद्रुक में ठोस कचरा प्रसंस्करण संयंत्र चलाने का प्रस्ताव रखा है। एनजीटी के आदेश के मुताबिक, पीएमसी को प्लांट चलाने के लिए महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) को 12 लाख रुपये देने होंगे।

गौरतलब है कि, अम्बेगांव बुद्रुक के आसपास रहने वाले लोगों ने साल 2020 में हो रही गंदगी के खिलाफ कड़ा विरोध जताया था। उन्होंने संयंत्र को बंद करने के लिए ग्रीन वॉचडॉग में याचिका भी दायर की थी, लेकिन याचिका पर सुनवाई करते हुए ग्रीन वॉचडॉग ने पुणे नगर निगम (पीएमसी) को संयंत्र चलाने की अनुमति दे दी है।

यह संयंत्र गांवों से एकत्र किए गए कचरे को संभालता है

यह कचरा प्रसंस्करण संयंत्र पीएमसी में विलय किए गए गांवों से एकत्र किए गए कचरे को संभालता है। आपको बता दें कि, 1 नवंबर, 2020 को 200 टन कचरा प्रसंस्करण संयंत्र में भीषण आग लग गई थी, जिससे आसपास के इलाके में रहने वाले लगभग 5,000 परिवारों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी थी। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने इसका विरोध जताया था और प्रसंस्करण संयंत्र को बंद करने की मांग करने लगे थे। बाद में यह पाया गया कि, संयंत्र ने बिना किसी पर्यावरण मंजूरी (ईसी) या जन सुनवाई के बाद इसका परिचालन शुरू किया था।

संयंत्र आवासीय क्षेत्र से लगभग 50 मीटर की दूरी पर स्थित

संयंत्र निकटतम आवासीय क्षेत्र से लगभग 50 मीटर की दूरी पर स्थित है। हालांकि संयंत्र बंद होने के कारण इलाके में काफी गंदगी फैल गई, जिसके बाद से लोगों को गंदगी का सामना करना पड़ा रहा है। ऐसे में कई लोगों की ओर से एनजीटी में इसे बंद करने की मांग वाली याचिका दायर की गई थी। जिसके बाद एनजीटी ने आदेश दिया है कि प्रसंस्करण संयंत्र कचरे का प्रसंस्करण करेगा। साथ ही आसपास के लोगों की किसी भी तरह की परेशानी न हो इसका भी ख्याल रखा जाएगा।
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