पुणे में नाना पेठ इलाके में हिंसक गैंगवार ,अज्ञात हमलावरों ने कुख्यात अपराधी गणेश कोमकर के बेटा गोविंद कोमकर को गोली मारकर हत्या कर दी।हमलवरो नेे गोविंद पर तीन गोलियां चलायी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया है। पुलिस के मुताबिक, गोविंद पर शुक्रवार शाम नानापेठ इलाके में उसकी बिल्डिंग के बेसमेंट में 2 अज्ञात हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग की जिससे उसकी मौत हो गई।
गैंगवार की आशंका को देखते हुए इलाके में भारी संख्या मे पुलिसबल को तैनात किया गया है। पिछले साल आंदेकर गिरोह के प्रमुख सूर्यकांत अंडेकरकर के बेटे और पूर्व नगरसेवक वनराज अंडेकर की हत्या कर दी गई थी। आशंका जताई जा रही है कि वनराज अंडेकर की हत्या के आरोपी गणेश कोमकर के बेटे गोविंद कोमकर की अंडेकर गैंग ने गोली मारकर हत्या की है। डीसीपी निखिल पिंगले के मुताबिक, शुक्रवार शाम आयुष उर्फ गोविंद कोमकर ट्यूशन से वापस आ रहा था तभी 2 अज्ञात हमलावरों ने 4 राउंड फायरिंग की जिससे गोविंद बुरी तरह से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई।
आयुष उर्फ गोविंद कोमकर कौन था?
आयुष उर्फ गोविंद, गणेश कोमकर का बेटा था, जो पिछले साल 1 सितंबर को नाना पेठ इलाके में हुई पूर्व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) पार्षद वनराज अंडेकर की हत्या के मामले में आरोपी है। सूत्रों के अनुसार, अंडेकर गिरोह अपने नेता की हत्या के बाद से ही 'बदला' लेने की योजना बना रहा था। पुणे पुलिस ने पहले भी बढ़ते गैंगवार को देखते हुए अंडेकर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार करके निवारक कार्रवाई की थी। दो दिन पहले, पुलिस ने अंडेकर गिरोह के सदस्यों सहित आठ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया और अंडेकर गिरोह को हथियार सप्लाई करने के संदेह में टीपू पठान गिरोह से कथित तौर पर जुड़े दो लोगों को गिरफ्तार किया।
पिछले साल पुलिस ने वनराज की बहन संजीवनी कोमकर, उसके परिवार के सदस्यों जयराज कोमकर और गणेश कोमकर समेत 17 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और संपत्ति संबंधी विवाद होने का संदेह था।वनराज अंडेकर के पिता बंडू अंडेकर का भी आपराधिक इतिहास रहा है।
