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Pune Airport के रनवे पर IAF फाइटर जेट की 'हार्ड लैंडिंग', बीचों-बीच फंसा लड़ाकू विमान; 90 से ज्यादा उड़ानों पर असर

Pune Airport के रनवे पर भारतीय वायुसेना (IAF) के Fighter Jet की हार्ड लैंडिंग के कारण उड़ानों का परिचालन बंद हो गया है। 90 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुई हैं। जानें कब तक शुरू होगा ऑपरेशन।

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वायुसेना के विमान के कारण रनवे क्लोज (फाइल फोटो)

Photo : ANI

Pune Airport: पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शुक्रवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब भारतीय वायुसेना के एक लड़ाकू विमान की 'हार्ड लैंडिंग' के कारण रनवे को पूरी तरह बंद करना पड़ा। इस तकनीकी खराबी की वजह से नागरिक उड़ानों का परिचालन ठप हो गया, जिससे हजारों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

पुणे एयरपोर्ट के रनवे पर फंसा विमान

पुणे एयरपोर्ट के निदेशक संतोष ढोके के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 10:25 बजे एक फाइटर जेट की लैंडिंग के दौरान उसके 'अंडरकैरेज' (पहियों वाले हिस्से) में खराबी आ गई। इस हार्ड लैंडिंग के कारण लड़ाकू विमान रनवे के बिल्कुल बीचों-बीच फंस गया। रक्षा सूत्रों का कहना है कि विमान को सुरक्षित हटाने के लिए क्रेन और भारी मशीनरी तैनात की गई है, लेकिन रनवे को पूरी तरह साफ करने में 5 से 6 घंटे का समय लग सकता है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यह लड़ाकू विमान सुखोई-30 MKi है, हालांकि भारतीय वायुसेना ने कोई पुष्टि नहीं की है।

विमान का चालक दल सुरक्षित

भारतीय वायुसेना ने आधिकारिक बयान जारी कर पुष्टि की है कि विमान का चालक दल सुरक्षित है और किसी भी नागरिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि वे हवाई अड्डा प्रशासन और वायुसेना के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। वर्तमान में क्रेन और भारी मशीनरी की मदद से रनवे को साफ करने के प्रयास जारी हैं, जिसमें वायुसेना एटीसी के अनुसार लगभग 4 से 5 घंटे का समय लग सकता है। इस दौरान कई उड़ानों को रद्द या डायवर्ट किया गया है, जिसकी जानकारी संबंधित विमानन कंपनियों को दे दी गई है।

भारतीय वायुसेना (IAF) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जारी एक आधिकारिक बयान में पुष्टि की कि इस घटना में चालक दल पूरी तरह सुरक्षित है और किसी भी नागरिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। वायुसेना ने रनवे को जल्द से जल्द चालू करने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है, हालांकि घटना के सटीक कारणों का पता 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' के बाद ही चलेगा।

90 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित

रनवे बंद होने का सबसे बुरा असर नागरिक उड़ानों पर पड़ा है। शुक्रवार रात 11 बजे के बाद से अब तक करीब 32 आने वाली उड़ानों को या तो रद्द कर दिया गया है या दूसरे शहरों की ओर डायवर्ट कर दिया गया है। इतनी ही संख्या में पुणे से रवाना होने वाली उड़ानें भी प्रभावित हुई हैं। हवाई अड्डे पर मौजूद यात्री असमंजस और अफरा-तफरी की स्थिति में नजर आए। कई एयरलाइंस ने यात्रियों को टिकट का पूरा रिफंड लेने या उड़ानों के फिर से शुरू होने तक इंतजार करने की सलाह दी है।

एयरपोर्ट निदेशक के अनुसार इंडिगो की 31 अराइवल और 34 डिपार्चर उड़ानें रद्द की गईं, एयर इंडिया की 3 अराइवल और 3 डिपार्चर उड़ानें रद्द हुईं, स्पाइसजेट की 2 अराइवल और 3 डिपार्चर उड़ानें प्रभावित हुईं, आकासा एयर की 2 अराइवल और 3 डिपार्चर उड़ानें रद्द की गईं, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस की 5 अराइवल और 5 डिपार्चर उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इस स्थिति से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा है और एयरपोर्ट प्रशासन स्थिति को सामान्य करने के प्रयास कर रहा है

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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