Indore News: मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पानी का मामला दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। भागीरथपुरा की हृदयविदारक घटना के बाद अब इंदौर के अन्य इलाकों में भी गंदे पानी की सप्लाई को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। शुक्रवार, 2 जनवरी यानी आज भोलाराम उस्ताद मार्ग स्थित नगर निगम के जोन क्रमांक 13 पर स्थानीय नागरिकों ने अनोखी तरह से प्रदर्शन किया। कांग्रेस पार्षद के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों ने आंखों पर पट्टी बांधकर गंदे पानी की सप्लाई पर निगम प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ अपना विरोध दिखाया।
खुले चेंबर का गंदा पानी नलों में मिल रहा
बता दें कि इस प्रदर्शन मुख्य रूप से गायत्री नगर, वॉर्ड 75 और वॉर्ड 77 में रहने वाले लोग शामिल। प्रदर्शन करने वाले निवासियों ने आरोप लगाया है कि उनके क्षेत्र में सीवरेज के खुले चेंबरों का गंदा पानी 'पीने के पानी' की पाइपलाइन में मिल रहा है। इस कारण पीने का पानी देने वाले नलों से बदबूदार और काला पानी आ रहा है, जो लोगों को बीमार कर सकता है। निवासियों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही पाइपलाइन की मरम्मत और साफ-सफाई नहीं की गई, तो यहां भी भागीरथपुरा जैसी गंभीर स्थिति पैदा हो जाएगी और नलों से आ रहे दूषित पानी के कारण कई लोगों की जान पर खतरा बन जाएगा।
पानी की 'कल्चर रिपोर्ट' की मांग
कांग्रेस पार्षद के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने निगम अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा। बता दें कि इस ज्ञापन में मांग की गई है कि क्षेत्र में सप्लाई होने वाले पानी की तत्काल 'कल्चर रिपोर्ट' (बैक्टीरिया की जांच) तैयार की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवल क्लोरिनेशन से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कहा कि पानी की शुद्धता की लैब जांच आवश्यक है, ताकि किसी बीमारी के फैलने से पहले ही उसे रोका जा सके। आंखों पर काली पट्टी बांधकर निवासियों ने इस गंभीर मामले पर नगर निगम की अनदेखी को दर्शाया।
खाली बर्तन दिखाकर प्रदर्शनकारियों ने की नारेबाजी
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और बुजुर्गों ने खाली बर्तन दिखाकर जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि कई महीनों से इस समस्या की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी केवल आश्वासन देकर मामला टाल देते हैं। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर इंदौर नगर निगम की ड्रेनेज और वाटर सप्लाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। शिकायतों का निवारण न होने पर परेशान होकर प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि अगले दो दिनों में समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे और सीधे नगर निगम मुख्यालय का घेराव करेंगे।
