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प्रयागराज : अच्छी खबर ! अब संगम नगरी के अस्पतालों में नहीं लगेगी भीड़, ये करते ही रोगी को मिलेगा टोकन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 28, 2023, 09:40 PM IST

Prayagraj: सरकार ने ड्रीफकेस नामक एक मोबाइल एप को तैयार किया है। इस एप की खास बात ये होगी कि, इसमें एक बार रोगी की जानकारी दर्ज करने के बाद वह हमेशा के लिए इसमें सेफ हो जाएगी। रोगी को बस अपने मोबाइल में एप को डाउनलोड करना होगा। इसके बाद बार कोड स्कैन पर रोगी को मोबाइल पर ही एक टोकन नंबर मिलेगा। इसके बाद काउंटर से पर्ची मिल जाएगी।

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प्रयागराज के सरकारी अस्पतालों में एप के जरिए मिलेगी रोगी को पर्ची।

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों के लिए तैयार की मोबाइल एप
  • रोगी को अपने मोबाइल में एप करनी होगी डाउनलोड
  • टोकन नबंर दिखाने के बाद मिलेगी सीधे पर्ची


Prayagraj: संगम नगरी प्रयागराज के लोगों के लिए ये एक अच्छी खबर है। जनपद के सरकारी अस्पतालों में मरीजों या उनके साथ आए लोगों को डाक्टर्स को इलाज के लिए देने वाली पर्ची के लिए लंबी कतारों में खड़े होने की परेशानी से निजात मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने ड्रीफकेस नामक एक मोबाइल एप को तैयार किया है।

इस एप की खास बात ये होगी कि, इसमें एक बार रोगी की जानकारी दर्ज करने के बाद वह हमेशा के लिए इसमें सेफ हो जाएगी। सूबे के सभी बड़े सरकारी अस्पतालों में एप को लागू किया गया है। जिसमें पर्ची काउंटर के बाहर एक बार कोड स्केनर लगाया गया है। रोगी को बस अपने मोबाइल में एप को डाउनलोड करना होगा। इसके बाद बार कोड स्कैन पर रोगी को मोबाइल पर ही एक टोकन नंबर मिलेगा। इसके बाद उसका क्रम आने पर रजिस्ट्रेशन काउंटर पर जाकर टोकन दिखाना होगा। इसके बाद रोगी को काउंटर से पर्ची मिल जाएगी।

जानें कैसे काम करेगा ये एप

प्रयागराज के टीबीएस हाॅस्पिटल के स्वास्थ्य एक्सपर्ट्स के मुताबिक नए ड्रीफकेस एप को प्ले स्टोर में जाकर रोगी को इसे अपने मोबाइल डाउनलोड करना होगा। ध्यान रहे इसके लिए आधार कार्ड होना जरूरी है, वहीं आधार कार्ड से मोबाइल नंबर लिंक होना भी जरूरी है। एप डाउनलोड होने के बाद वेरिफिकेशन के लिए ओटीपी नंबर आएगा। ओटीपी डालने के बाद मरीज को टोकन नंबर मिल जाएगा। यह टोकन नंबर पंजीकरण काउंटर पर लगे एलसीडी में दिखता रहेगा। इसके बाद रोगी का क्रम आते ही उसे पंजीकरण काउंटर पर नंबर दिखाने के बाद पर्ची दी जाएगी। जिससे रोगी सीधे ओपीडी में जाकर संबंधित डाॅक्टर से परामर्श ले सकेंगे। अब उबाऊ लाइन में लगने वाले समय में बचत के साथ ही रोगी को बिना झंझट के पर्ची मिल जाएगी। टीबीएस हाॅस्पिटल की चीफ सुपरिटेंडेड डॉ. शारदा चैधरी के मुताबिक इस व्यवस्था से रोगियों का टाइम बचेगा व लंबी कतारों से छुटकारा मिलेगा। बता दें कि, इस एप के जरिए एक परिवार के 11 लोग एक साथ जुड़ सकेंगे। जिससे मौखिक डिटेल बताने से भी निजात मिलेगी। वहीं डिटेल बताते समय होने वाली गड़बड़ियां भी नहीं होंगी।
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