प्रयागराज

गर्लफ्रेंड के चक्कर में किए थे बम धमाके, प्रयागराज में दहशत फैलाने वाले बदमाशों ने कबूला सच

Prayagraj Bomb Attack: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बमबाजी करके दहशत फैलाने वाले बदमाशों ने सारा सच कबूल लिया है। उन्होंने खुलासा किया है कि कटरा मार्किट मेंबंद दुकान पर जो 3 बम फेंके थे, उनकी वजह गर्लफ्रेंड थी। प्रयागराज के पुराना कटरा मार्किट में इन बदमाशों ने गर्लफ्रेंड के चक्कर में बम धमाके किए थे।

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प्रयागराज के पुराना कटरा मार्किट में गर्लफ्रेंड के चक्कर में बदमाशों ने बम धमाके किए थे ।

Crime News: कर्नलगंज पुलिस ने तीन दोस्तों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 12 बम भी बरामद किए गए हैं। इन तीनों ने अशोक साहू जनरल स्टोर पर देर रात एक के बाद एक तीन बम फोड़े थे। पुलिस की पूछताछ में अनदान ने बताया कि कटरा में छात्रा से मिलने का विरोध हुआ, तो उसने अपने दोस्तों ते साथ मिलकर बम फोड़े थे।

दोस्तों के साथ शराब पीकर बमबाजी करने का प्लान बनाया

इस खुलासे में ये बात सामने आई है कि बीती 19 मार्च की रात अनदान ने दोस्तों संग शराब पार्टी की। शराब पीने के बाद अनदान ने दोस्तों को पूरा मामला बता दिया। तीनों दोस्तों से तय किया कि कटरा में उसी इलाके मे बमबाजी करते हैं, ताकि वहां के युवकों में दहशत हो जाएगी और वह डर जाएंगे। उस रात अनदान अपने दोस्तों संग बाइक से पहुंचा और उतरते ही तीन बम फोड़ भाग निकला।

बमबाजी का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ गए थे। पकड़े गए युवकों में अनदान और उसके दो साथी अब्दुल्ला और मंजीत शामिल हैं।

बंद दुकान पर फेंके 3 बम, घटना CCTV में हो गई थी कैद

प्रयागराज में दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने बमबाजी की थी। बमबाजी की यह घटना कर्नलगंज में बुधवार रात की है। बताया जा रहा है कि दहशत फैलाने के लिए बदमाशों ने जनरल स्टोर की बंद दुकानों पर बमबाजी की गई है। दुकान पर एक के बाद एक लगातार तीन बम फेंके गए। इसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई।

लोगों का कहना है कि रात के अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी वहां पहुंचे थे। आरोपियों ने एक के बाद एक लगातार तीन बम फेंके। बम फेंकने के बाद लगातार तीन धमाके होते हैं और इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की गई है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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