Mahakumbh Stampede Update: महाकुंभ में 28 जनवरी की रात 1 से 2 बजे के बीच हुई भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गई है जिसमें से 25 लोगों की पहचान हो चुकी है और बाकी 5 की पहचान की जा रही है वहीं इस हादसे में 90 लोग घायल हुए हैं वहीं इस दर्दनाक घटना के बाद प्रशासन ने प्रयागराज महाकुंभ की व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं।
प्रयागराज महाकुंभ में संगम तट पर हुई भगदड़ और दुखद मौतों के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए पांच बड़े बदलाव लागू किए हैं। अब पूरे मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है, जिससे किसी भी प्रकार के वाहन को अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी।
प्रयागराज महाकुंभ किए गए प्रमुख बदलाव-
1. मेला क्षेत्र पूरी तरह नो-व्हीकल जोन – सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध।
2. VVIP पास हुए रद्द – किसी भी विशेष पास के जरिए वाहन को प्रवेश नहीं मिलेगा।
3. रास्ते किए गए वन-वे – श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए एक तरफा मार्ग व्यवस्था लागू।
4. वाहनों की एंट्री पर रोक – प्रयागराज से सटे जिलों से आने वाले वाहनों को जिले की सीमा पर रोका जा रहा है।
5. 4 फरवरी तक सख्त प्रतिबंध – शहर में चार पहिया वाहनों की एंट्री पर पूरी तरह से रोक रहेगी।
प्रशासन का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य कुंभ क्षेत्र में भीड़ को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और किसी भी तरह की अव्यवस्था से बचने में सहयोग करें।
कैसे हुई ये भगदड़ की यह दुखद घटना
डीआईजी महाकुंभ वैभव कृष्ण ने बताया कि 'ब्रह्म मुहूर्त से पहले रात 1 से 2 बजे के बीच अखाड़ा मार्ग पर भारी भीड़ जमा हो गई। इस भीड़ के कारण दूसरी तरफ लगे बैरिकेड टूट गए और भीड़ श्रद्धालुओं पर चढ़ गई ब्रह्म मुहूर्त में पवित्र डुबकी लगाने के लिए इंतजार कर रहे करीब 90 लोगों को एंबुलेंस के जरिए अस्पताल ले जाया गया लेकिन दुर्भाग्य से 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई है इन 30 में से 25 की पहचान हो गई है और बाकी की पहचान होनी बाकी है। इनमें शामिल हैं कर्नाटक से 4, असम से 1, गुजरात से 1...36 लोगों का स्थानीय मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है फिलहाल स्थिति सामान्य है।'
सीएम योगी हुए भावुक, मृतक के परिजनों को 25-25 लाख रुपये
महाकुंभ भगदड़ पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम राज्य सरकार की ओर से दुर्घटना में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी कर रहे हैं, न्यायिक आयोग पूरे मामले की जांच करेगा और एक समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा और इस बारे में मुख्य सचिव और डीजीपी स्वयं एक बार प्रयागराज का दौरा करेंगे।
