महाकुंभ मेला 2025 अपने अंतिम सप्ताह में है। मेले के समापन में अब मात्र 4 दिन रह गए हैं। 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन अंतिम शाही स्नान के साथ मेले का समापन हो जाएगा। इस बीच भारी संख्या में लोग महाकुंभ में त्रिवेणी संगम पर स्नान करने के लिए पहुंच रहे हैं। समापन की ओर आगे बढ़ रहे महाकुंभ में स्नान करने के लिए पहुंच वाले श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने लगी है। महाकुंभ अपने अंतिम पड़ाव पर और 26 फरवरी को शाही स्नान के साथ ही समाप्त हो जाएगा। महाकुंभ के अंतिम सप्ताह रविवार और सोमवार होने के कारण जो लोग अभी तक संगम में स्नान नहीं कर पाए वो भी यहां जाने के लिए लालायित हैं। 144 साल में आने वाले इस महाकुंभ का अमृत स्नान लोग किसी भी हालत में करना चाहता है। जिसके लिए वह ट्रेनों, बस व अन्य साधनों से यात्रा करने के लिए जद्दोजहद करते हुए नजर आ रहे हैं । ऐसी ही स्थिति उत्तर प्रदेश के गाजीपुर की है। यहां रेलवे स्टेशन पर लोग किसी भी तरह से प्रयागराज वाली ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रहे हैं। लोग 5-5 घंटे पहले रेलवे स्टेशन पर पहुंच रहे हैं ताकि लोगों को सीट पाने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़े।
कोई हाथ जोड़ता दिखा तो कोई जान जोखिम में डाल रहा
महाकुंभ जाने के लिए गाजीपुर रेलवे स्टेशन पर कोई हाथ जोड़कर ट्रेन रुकवाने की कोशिश करता दिखा तो कोई दौड़कर ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करता नजर आया। ट्रेन के गेट पर लटकर यात्रा करने को भी यात्री तैयार है। वहीं कुछ लोग तो ऐसे भी नजर आए जो अपनी जान की परवाह किए बगैर चलती ट्रेन में चढ़ने और उतरने का प्रयास करते दिखे। इसके अलावा कई लोग बोगी के अंदर घुसने के लिए गाली गलौज और हाथापाई पर भी उतर आए। महाकुंभ में स्नान करने और प्रयागराज जाने के लिए लोगों को जद्दोजहद करते हुए देखा जा रहा है।
ट्रेन को रुकवाने के लिए हाथ जोड़ते नजर आए यात्री
गाजीपुर के रेलवे स्टेशन पर उस वक्त देखने को मिला जब सुहेलदेव एक्सप्रेस जो सप्ताह में 2 दिन इलाहाबाद होते हुए आनंद विहार को जाती है। उसमें भी महाकुंभ का अमृत स्नान करने वालों की काफी भीड़ देखने को मिली। महाकुंभ के जाने वाले यात्री यहां पिछले 5 घंटे से बैठकर ट्रेन में यात्रा का इंतजार करते दिखे। यहां स्थिति ऐसे ही लोग ट्रेन में यात्रा करने के लिए मारपीट पर उतर आएं है।
यहां कुछ यात्री ऐसे भी थे, जो ट्रेन में यात्रा करने के लिए हाथ जोड़ते हुए भी नजर आए। जानकारी के अनुसार, जिन यात्रियों को इलाहाबाद और अन्य जगहों पर जाना था लेकिन ट्रेन चलने के बाद वह स्टेशन पहुंचे है वह आरपीएफ के जवानों से हाथ जोड़कर ट्रेन रुकवाने की अपील करते हुए दिखे। लोगों की स्थिति को देखते हुए आरपीएफ के जवानों ने ट्रेन के गार्ड से ट्रेन को धीमी करने की अपील भी किया और ट्रेन के गार्ड ने उनकी अपील को मानते हुए ट्रेन को धीमा कराया। ट्रेन धीमी होते देख भारी संख्या में यात्री दौड़ते हुए ट्रेन को पकड़ने के लिए चल दिए। इस दौरान कुछ यात्रियों ने चलती हुए ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया, जिन्हें आरपीएफ और जीआरपी के लोगों ने रोक दिया।
वहीं कुछ लोगों ने चलती हुई ट्रेन से उतरने का भी प्रयास किया। इस दौरान सिविल ड्रेस में तैनात पुलिसकर्मियों ने ट्रेन से उतर रहे उसे वृद्ध को पकड़कर अपनी तरफ खींच लिया जिससे उसकी जान भी बच गई थी। बढ़ती भीड़ और लोगों की महाकुंभ जाने की चाह बहुत खतरनाक होती जा रही है। इससे न केवल वह अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं बल्कि इससे अन्य लोगों की जान भी जोखिम में पड़ रही है।
