प्रयागराज

Maha Kumbh Fire: महाकुंभ में लगी आग, मचा हड़कंप; इतने टेंट जलकर राख

Maha Kumbh Fire: महाकुंभ में आग की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। मेला क्षेत्र के अरैल के सेक्टर-25 में वैदिक टेंट सिटी फायर स्टेशन के अंतर्गत गंगा संकुल में आग लग गई, जिसमें दो टेंट जलकर राख हो गए।

Image

महाकुंभ में आग

Maha Kumbh Fire: प्रयागराज में अरैल के सेक्टर-25 में वैदिक टेंट सिटी फायर स्टेशन के अंतर्गत गंगा संकुल में आग लग गई जिस पर दमकल विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए काबू पा लिया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (कुंभ) प्रमोद शर्मा ने बताया कि सेक्टर-25 में वैदिक टेंट सिटी फायर स्टेशन के अंतर्गत गंगा संकुल के शिविर में शुक्रवार को शाम करीब चार बजे आग लग गई जिसमें दो टेंट जल गए। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। इससे पहले 13 फरवरी को भी सेक्टर छह में नागवासुकी के पास बिंदु माधव मार्ग पर पुलिस लाइन के शिविर में आग लगने दो टेंट जलकर राख हो गए थे। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई थी।

पहले भी लग चुकी है आग

इससे पहले 19 जनवरी को सेक्टर 19 में सिलेंडर ब्लास्ट के बाद भीषण आग लग गई थी, जिसमें एक दर्जन से ज्यादा कैंप जलकर खाक हो गए थे। सौभाग्य से, कोई हताहत नहीं हुआ। 7 फरवरी को सेक्टर 18 में इस्कॉन कैंप में आग लग गई थी, जो तेजी से आसपास के एक दर्जन टेंटों तक फैल गई। करीब 20 टेंट जलकर खाक हो गए। तुरंत मौके पर भेजा गया और 10 मिनट के भीतर आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया था।

महाकुंभ की आखिरी तारीख

आपको बता दें कि 13 जनवरी से शुरू हुआ महाकुंभ मेला 26 फरवरी तक चलेगा। इस महाकुंभ में देशभर से अभी तक करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। मेला क्षेत्र में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि होने पर सुरक्षा उपायों को बढ़ा दिया गया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article