प्रयागराज

महाकुंभ में फिर लगी आग, इतने टेंट जलकर राख; मची अफरा-तफरी

Mahakumbh Fire Accident: प्रयागराज में अयोजित महाकुंभ के सेक्टर 6 में आग लगने से 6 टेंट जलकर राख हो गए। हालांकि, किसी प्रकार के जान माल का नुकसान नहीं हुआ है।

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(फाइल फोटो)

Mahakumbh Fire Accident: महाकुंभ के सेक्टर छह में नागवासुकी के पास बिंदु माधव मार्ग पर पुलिस लाइन के शिविर में गुरुवार दोपहर आग लग गई जिससे दो टेंट जलकर खाक हो गए। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (कुंभ) प्रमोद शर्मा ने बताया कि गुरुवार दोपहर में सेक्टर छह के नागवासुकी थानाक्षेत्र में बिंदु माधव मार्ग पर स्थित पुलिस लाइन कैंप में धुंआ उठता दिखा।

उन्होंने बताया कि अग्निशमन की चार गाड़ियां तत्काल मौके के लिए रवाना की गईं जिन्होंने कुछ ही मिनटों में वहां पहुंचकर आग बुझाई। हालांकि दो टेंट इस आग में पूरी तरह से जल गए परंतु कोई जनहानि नहीं हुई।

पहले भी लग चुकी है आग

इससे पहले 19 जनवरी को सेक्टर 19 में सिलेंडर ब्लास्ट के बाद भीषण आग लग गई थी, जिसमें एक दर्जन से ज्यादा कैंप जलकर खाक हो गए थे। सौभाग्य से, कोई हताहत नहीं हुआ। 7 फरवरी को सेक्टर 18 में इस्कॉन कैंप में आग लग गई थी, जो तेजी से आसपास के एक दर्जन टेंटों तक फैल गई। करीब 20 टेंट जलकर खाक हो गए।

इससे पहले 9 फरवरी को महाकुंभ के सेक्टर 19 में एक 'कल्पवासी' टेंट में गैस सिलेंडर लीक होने के कारण आग लग गई। तीन दमकल गाड़ियों को तुरंत मौके पर भेजा गया और 10 मिनट के भीतर आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया था।

आपको बता दें कि 13 जनवरी से शुरू हुआ महाकुंभ मेला 26 फरवरी तक चलेगा। इस महाकुंभ में देशभर से अभी तक करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। मेला क्षेत्र में आग लगने की घटनाओं में वृद्धि होने पर सुरक्षा उपायों को बढ़ा दिया गया है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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