प्रयागराज

कोरोना काल में जमा फीस का 15% स्कूलों को करना होगा वापस, इलाहाबाद हाई कोर्ट का आदेश

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Jan 16, 2023, 07:15 PM IST

Allahabad High Court: 2020-21 में कोरोना के चलते लॉकडाउन लगाया गया था। इस दौरान सभी स्कूल बंद थे और सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई चल रही थी, इसके बावजूद स्कूल पूरी फीस वसूल रहे थे। इसके खिलाफ अभिभावकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने इसपर फैसला सुनाया है।

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कोरोना काल में जमा फीस का 15% स्कूलों को करना होगा वापस

Photo : BCCL

Allahabad High Court: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अभिभावकों को बड़ी जीत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोरोना के समय ली गई फीस को अधिक माना है और स्कूलों को आदेश दिया है कि वो फीस का 15 प्रतिशत हिस्सा छात्रों को वापस करें या फिर उसे वर्तमान फीस में एडजस्ट करें।

लाखों लोगों को राहत

कोरोना काल में जिन अभिभावकों को स्कूल की फीस भरनी पड़ रही थी, उन्हें इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने कोरोना काल में जमा की गई स्कूल फीस की 15 फीसदी राशि माफ करने का आदेश दिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि कोरोना काल में जमा की गई स्कूल फीस माफ की जाएगी।

गुहार लगा पहुंचे थे अभिभावक

यह फैसला चीफ जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस जेजे मुनीर की बेंच ने दिया है। अभिभावकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर स्कूलों में जमा फीस माफ करने की मांग की थी। इन सभी याचिकाओं पर छह जनवरी को सुनवाई हुई थी और फैसला सोमवार को आया है।

कोरोना में बंद थे स्कूल

दरअसल, 2020-21 में कोरोना के चलते लॉकडाउन लगाया गया था। इस दौरान सभी स्कूल बंद थे और सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई चल रही थी, इसके बावजूद स्कूल पूरी फीस वसूल रहे थे। इसके खिलाफ अभिभावकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका दायर कर अभिभावकों ने मांग की थी कि कोविड महामारी के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई कराई गई है, इसलिए उन्हें स्कूलों में उपलब्ध सुविधाएं नहीं मिली हैं, इसलिए वे अपनी फीस देने के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।

क्या थी मांग

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में दलील दी कि 2020-21 में निजी स्कूलों ने ट्यूशन के अलावा कोई सेवा नहीं दी, ऐसे में ट्यूशन फीस से एक रुपया भी अधिक लेना मुनाफाखोरी और शिक्षा का व्यावसायीकरण के अलावा और कुछ नहीं होगा।

हाईकोर्ट ने क्या कहा

हाईकोर्ट ने साफ किया कि जब 2020-21 में सुविधाएं नहीं दी गईं तो 2019-20 के स्तर की फीस नहीं ली जा सकेगी। हाईकोर्ट ने 2020-21 में जमा की गई फीस का 15 फीसदी माफ करने का आदेश दिया है। यह आदेश राज्य के सभी स्कूलों पर लागू होगा। 2020-21 में लगने वाली फीस का 15 प्रतिशत माफ किया जाएगा।

कैसे मिलेगी फीस?

अब 2023-24 का सत्र शुरू होने वाला है और हाईकोर्ट ने 2020-21 में जमा फीस में छूट देने का आदेश दिया है। ऐसे में सवाल उठता है कि माफ की गई फीस वापस कैसे होगी? हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि 2020-21 में ली जाने वाली फीस का 15 फीसदी अगले सत्र में एडजस्ट किया जाएगा।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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