Prashant Kishor: जन सुराज पार्टी प्रमुख प्रशांत किशोर अब चुनावी मैदान में कदम रखने जा रहे हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उन्हें बिहार विधानसभा की पटना स्थित बांकीपुर सीट पर होने वाले उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया जाएगा। इस संबंध में अंतिम फैसला लेने के लिए पार्टी की कोर कमिटी की बैठक शुक्रवार को बुलाई गई है, जिसमें उनके नाम पर औपचारिक मंजूरी दिए जाने की संभावना है। जन सुराज के वरिष्ठ नेता किशोर कुमार मुन्ना ने गुरुवार को बताया कि बांकीपुर की जनता की भावनाओं और स्थानीय कार्यकर्ताओं की राय को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने प्रशांत किशोर को उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया है। यह पहला अवसर होगा जब प्रशांत किशोर स्वयं किसी चुनाव में प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरेंगे। बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान कराया जाएगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। यह सीट भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी।
बांकीपुर के लिए पार्टी की पहली पसंद प्रशांत किशोर
पटना में गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने बताया कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए पार्टी की पहली पसंद प्रशांत किशोर हैं। उन्होंने कहा कि कोर कमिटी की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद 5 जुलाई को उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी। मनोज भारती ने कहा कि बांकीपुर के लोगों के साथ-साथ पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी चाहते हैं कि इस सीट से प्रशांत किशोर स्वयं चुनावी मैदान में उतरें। इसी जनभावना को देखते हुए पार्टी उनके नाम पर सहमति बना रही है।
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में हलचल
उन्होंने बताया कि जन सुराज पिछले कई दिनों से बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में लगातार संगठनात्मक गतिविधियां चला रही है। प्रशांत किशोर खुद क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान के जरिए विभिन्न वर्गों के लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुन रहे हैं। वहीं, पार्टी के कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर प्रचार-प्रसार में जुटे हैं, जबकि सोशल मीडिया टीम डिजिटल माध्यमों से अभियान को गति दे रही है। पार्टी का दावा है कि बांकीपुर उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी को कड़ी चुनौती देने के लिए व्यापक रणनीति तैयार कर ली गई है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांकीपुर विधानसभा के प्रभारी रामबली चंद्रवंशी, ललन यादव और पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव लड़ने के लिए तैयार
प्रशांत किशोर ने संकेत दिए हैं कि अगर पार्टी उन्हें जिम्मेदारी सौंपती है तो वह बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। गुरुवार को वैशाली में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उम्मीदवार तय करने का अधिकार पार्टी का है और यदि संगठन उन्हें चुनाव लड़ाने का फैसला करता है, तो वह पूरी जिम्मेदारी के साथ मैदान में उतरेंगे। इससे पहले भी प्रशांत किशोर ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि भाजपा के मजबूत गढ़ को चुनौती देने के लिए पार्टी हर जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि अगर परिस्थितियां ऐसी बनती हैं कि उन्हें स्वयं चुनाव लड़ना पड़े, तो वह इसके लिए भी तैयार हैं।
मतदाताओं से लगातार संवाद कर रहे पीके
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। बिहार में सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहला विधानसभा उपचुनाव होगा। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में यह चुनाव मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी स्वीकार्यता की भी एक महत्वपूर्ण परीक्षा माना जा रहा है। इधर, प्रशांत किशोर अपने जनसंपर्क अभियान के दौरान मतदाताओं से लगातार संवाद कर रहे हैं। वह लोगों से अपील कर रहे हैं कि अगर वे राज्य सरकार की नीतियों और कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं, तो उपचुनाव में मतदान के जरिए अपना संदेश भाजपा और केंद्र नेतृत्व तक पहुंचा सकते हैं।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में नहीं लड़ा था चुनाव
प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में खुद चुनाव नहीं लड़ा था। चुनाव से पहले रोहतास जिले की करगहर और वैशाली जिले की राघोपुर विधानसभा सीट से उनके चुनाव लड़ने की चर्चाएं जरूर हुई थीं, लेकिन अंततः उन्होंने किसी भी सीट से नामांकन दाखिल नहीं किया। हालांकि, जन सुराज पार्टी ने राज्य की अधिकांश विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन पार्टी को एक भी सीट पर जीत हासिल नहीं हो सकी।
तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित
इस बीच, चुनाव आयोग ने गुरुवार को बांकीपुर समेत देश की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। 6 जुलाई से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। उम्मीदवार 13 जुलाई तक अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे, जबकि 16 जुलाई तक नाम वापस लेने की समय-सीमा तय की गई है। मतदान 30 जुलाई को होगा और मतगणना के बाद 3 अगस्त को परिणाम घोषित किए जाएंगे।
तेज प्रताप यादव ने किसे उतारा मैदान में?
उपचुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) ने सबसे पहले अपने उम्मीदवार की घोषणा करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता वीना मानवी को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला किया है। वहीं, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और महागठबंधन की ओर से अभी उम्मीदवारों के नाम घोषित नहीं किए गए हैं।
आखिर क्यों हो रहा है उपचुनाव?
बांकीपुर विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास भारतीय जनता पार्टी के लिए बेहद मजबूत रहा है। वर्ष 2008 से पहले यह क्षेत्र पटना पश्चिम विधानसभा सीट के नाम से जाना जाता था। 1995 में नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा ने पहली बार इस सीट पर भाजपा को जीत दिलाई थी। इसके बाद यह सीट लगातार भाजपा के कब्जे में रही। नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा चार बार विधायक चुने गए, जबकि उनके निधन के बाद उनके पुत्र नितिन नवीन ने लगातार पांच बार इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। हाल ही में राज्यसभा सांसद बनने के बाद नितिन नवीन ने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके कारण यहां उपचुनाव कराया जा रहा है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा अपने लंबे समय से कायम इस गढ़ को बचाने में सफल होगी या फिर विपक्षी दल, खासकर जन सुराज, इस चुनाव में नया राजनीतिक समीकरण बनाने में कामयाब होंगे। इसका फैसला 3 अगस्त को मतगणना के बाद सामने आएगा।
